
रांची : जिला प्रशासन द्वारा सदर अस्पताल रांची का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया गया और मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनी गईं। इस मौके पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री राजेश कुमार साहू, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती उर्वशी पांडेय, सिविल सर्जन सदर डॉ. प्रभात कुमार समेत कई संबंधित अधिकारीमौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान वार्ड, इमरजेंसी, डिस्पेंसरी (फार्मेसी), किचन और ड्राई क्लीनिंग क्षेत्र का क्रमवार निरीक्षण किया गया। सबसे गंभीर अनियमितता फार्मेसी में सामने आई, जहाँ मरीजों ने शिकायत की कि डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाएँ डिस्पेंसरी में उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही एक मरीज की पर्ची लेकर जांच की गई। जांच में पाया गया कि कुछ दवाएँ उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को नहीं दी जा रही थीं।
इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए डिस्पेंसरी प्रभारी को तत्काल शो-कॉज नोटिस जारी करने तथा अगले आदेश तक वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि अस्पताल में मरीजों को नि:शुल्क दवाएँ उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ओपीडी में आए मरीजों से भी इलाज और अस्पताल की सुविधाओं को लेकर जानकारी ली गई। दो महिला मरीजों ने दवा उपलब्ध नहीं होने की शिकायत की, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत जांच कर कार्रवाई की।

वहीं, किचन निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर सिविल सर्जन को संबंधित केयर टेकर के खिलाफ शो-कॉज जारी करने और किचन को पूरी तरह स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही मरीजों और उनके परिजनों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
वार्ड, इमरजेंसी और अन्य विभागों में भी सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने कहा कि सदर अस्पताल रांची जिले का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है और यहाँ मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ मिलनी चाहिए। सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि जनसेवा में किसी भी तरह की अनियमितता या लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।












