राँची पहली बार बनेगा डूरंड कप 2026 का मेजबान
संपादकीय

राँची: देश के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप-2026 का आयोजन इस वर्ष पहली बार झारखंड की राजधानी राँची में होने जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त राँची की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और आयोजन से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि डूरंड कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राँची और पूरे झारखंड की प्रशासनिक क्षमता, आतिथ्य और खेल संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक (यातायात), अनुमंडल पदाधिकारी (सदर), अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था), खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के उप निदेशक, जिला नजारत उपसमाहर्ता, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, मेजर आनंद प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि टूर्नामेंट के दौरान स्टेडियम और उसके आसपास व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, अधिकारियों, दर्शकों और अतिथियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी तथा सुरक्षा व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के अनुरूप होनी चाहिए।
यातायात एवं पार्किंग की बनेगी विशेष योजना
बड़ी संख्या में दर्शकों के आगमन को देखते हुए यातायात प्रबंधन को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मैच के दिनों में ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था तथा वैकल्पिक मार्गों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समय रहते उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि स्टेडियम के आसपास अनावश्यक जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए और आम नागरिकों को भी पूर्व सूचना उपलब्ध कराई जाए।
आपातकालीन सेवाएं रहेंगी पूरी तरह तैयार
बैठक में चिकित्सा सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्येक मैच के दौरान एम्बुलेंस, मेडिकल टीम, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ तथा आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहें।
इसके साथ ही अग्निशमन विभाग को भी पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

दर्शकों की सुविधाओं पर रहेगा विशेष ध्यान
उपायुक्त ने कहा कि स्टेडियम में आने वाले दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि—
- पर्याप्त बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए।
- स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
- साफ-सफाई और स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
- प्रवेश एवं निकास मार्गों को व्यवस्थित रखा जाए।
- भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए।
उन्होंने कहा कि दर्शकों का अनुभव जितना बेहतर होगा, उतनी ही सकारात्मक पहचान राँची और झारखंड की राष्ट्रीय स्तर पर बनेगी।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से अपनी-अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन की सफलता विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करती है।
उन्होंने प्रत्येक विभाग से नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
खेल पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
प्रशासन का मानना है कि डूरंड कप-2026 के आयोजन से राँची को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। बड़ी संख्या में खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों, खेल प्रेमियों और पर्यटकों के आगमन से स्थानीय पर्यटन, होटल उद्योग, परिवहन तथा व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
राँची के लिए ऐतिहासिक अवसर
डूरंड कप दुनिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक माना जाता है। पहली बार राँची को इसकी मेजबानी मिलने से राज्य के खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय स्तर की टीमों का खेल देखने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।
प्रशासन का लक्ष्य है कि आयोजन पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल रहे, जिससे भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए राँची एक मजबूत दावेदार बन सके।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं तथा प्रत्येक व्यवस्था की नियमित समीक्षा करते हुए डूरंड कप-2026 के सफल आयोजन को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन झारखंड की खेल संस्कृति, प्रशासनिक दक्षता और आतिथ्य क्षमता को पूरे देश के सामने प्रस्तुत करने का स्वर्णिम अवसर है, जिसे पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ सफल बनाया जाना चाहिए।













