आसनसोल रेल मंडल ने मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस, उत्कृष्ट कर्मचारियों को मिला ‘मंडल गौरव पुरस्कार’
डीआरएम संग्रह मौर्य ने फहराया तिरंगा, उत्कृष्ट कर्मचारियों को मिला ‘मंडल गौरव पुरस्कार’; माल लोडिंग, राजस्व, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं में आसनसोल मंडल की उपलब्धियां गिनाईं

आसनसोल I रिपोर्ट-सरबजीत सिंह : पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, आसनसोल में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। मंडल रेल प्रबंधक श्री संग्रह मौर्य ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जिसके बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
समारोह में रेलवे के अधिकारी एवं कर्मचारी, मान्यता प्राप्त यूनियनों और संगठनों के प्रतिनिधि, रेलवे स्कूल के विद्यार्थी, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सदस्य तथा उनके परिवारजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री मौर्य ने विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन और समर्पित सेवा के लिए चयनित कर्मचारियों को ‘मंडल गौरव पुरस्कार’ प्रदान कर सम्मानित किया।
रेलवे की उपलब्धियों को किया रेखांकित
समारोह को संबोधित करते हुए मंडल रेल प्रबंधक ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी और यात्री एवं माल परिवहन में भारतीय रेलवे की भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान आसनसोल मंडल ने 19.365 मिलियन टन माल की लोडिंग की, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8.38 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में मंडल की कुल आय 16.10 प्रतिशत बढ़कर ₹2,172.85 करोड़ हो गई, जबकि माल ढुलाई से प्राप्त राजस्व 17.72 प्रतिशत बढ़कर ₹1,926.60 करोड़ रहा।
बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट (BDU) की पहलों के तहत लौह अयस्क और पेलेट्स से प्राप्त राजस्व ₹47 लाख से बढ़कर ₹127 लाख हो गया। वहीं कंटेनर यातायात से राजस्व ₹189 लाख से बढ़कर ₹251 लाख पहुंच गया। सिउड़ी में 21 बीसीएन वैगनों की लोडिंग से भी माल ढुलाई को बढ़ावा मिला।
श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्था
श्रावणी मेले के दौरान जसीडीह, बैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ और देवघर क्षेत्रों में यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए। लगभग 1.29 लाख वर्ग फुट का अस्थायी पंडाल क्षेत्र, 20 यूटीएस काउंटर, 6 एटीवीएम, 30 मोबाइल यूटीएस उपकरण, 13 अतिरिक्त वाटर कूलर, 40 मोबाइल बायो-टॉयलेट और 400 एलईडी लाइटें उपलब्ध कराई गईं।
सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के लिए 330 आरपीएफ कर्मियों और 110 सीसीटीवी कैमरों की मदद ली गई। चिकित्सा टीमों की भी तैनाती की गई। मंडल के अनुसार, लगभग 8.44 लाख तीर्थयात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे करीब ₹26.7 करोड़ की आय हुई।
सुरक्षा और संरक्षा पर विशेष जोर
रेल मंडल में सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। कुल्टी और बराकर के बीच आरओबी संख्या 11ए की पुनः गर्डरिंग, शंकरपुर और जसीडीह के बीच गेट संख्या 27 पर आरओबी निर्माण के जरिए लेवल क्रॉसिंग को समाप्त करने तथा जामताड़ा, सिमुलतला और मधुपुर में पुराने एफओबी को हटाने जैसे कार्य किए गए।
‘मिशन जीवन रक्षा’ के तहत 12 लोगों की जान बचाई गई। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के जरिए बच्चों को बचाया गया, जबकि ‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत 200 मामले दर्ज किए गए और करीब ₹72 लाख की वसूली की गई।
तकनीक और परिचालन में भी सुधार
मधुपुर डिपो में 0.5 टन क्षमता वाली मशीनीकृत लॉन्ड्री तथा आसनसोल कोचिंग डिपो में फ्लोर व्हील लेथ की शुरुआत की गई। सीसी रेक निरीक्षण में 19.55 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और एक दिन में 31 आरओएच का रिकॉर्ड हासिल किया गया।
मंडल में 278 लोकोमोटिव पर कवच प्रणाली की कमीशनिंग पूरी की गई। अप्रैल से जुलाई के दौरान 53.382 टीकेएम संपर्क तार और 10.73 टीकेएम कैटेनरी तार बदले गए। 109 इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग उपकरणों को रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा गया। दुर्गापुर स्टील एक्सचेंज यार्ड, मधुपुर और पानागढ़ में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग भी चालू की गई।
वित्तीय उपलब्धियों पर भी जोर
जून 2026 तक स्क्रैप बिक्री से ₹19.50 करोड़ की आय हुई, जबकि संचयी लक्ष्य ₹12.60 करोड़ था। नगर निगम लाइसेंस शुल्क से ₹1.95 करोड़ की वसूली हुई। मिनी पेंशन अदालतों के माध्यम से 61 पेंशनभोगियों की शिकायतों का समाधान किया गया। वित्तीय जांच के परिणामस्वरूप ₹85.79 करोड़ की व्यय बचत दर्ज की गई।
यात्री सुविधाओं के तहत जसीडीह, मधुपुर और सिमुलतला में स्लीपिंग पॉड्स तथा जसीडीह और देवघर में डिजिटल लाउंज की सुविधा उपलब्ध कराई गई। मानकर स्टेशन पर 25 जून 2026 को 90.14 प्रतिशत टिकट डिजिटल माध्यम से जारी किए गए।

कर्मचारी कल्याण और पर्यावरण संरक्षण
कर्मचारी कल्याण एवं पर्यावरण संरक्षण के तहत मंडल में 1,000 पौधे लगाए गए और कर्मचारियों के बीच 2,000 पौधे वितरित किए गए। स्टेशनों एवं रेलवे कॉलोनियों में लगभग 65,000 पौधे लगाए गए।
इसके अलावा 386 किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाया गया। 42 कार्यस्थलों पर आयोजित स्वास्थ्य शिविरों से 15,708 लोगों को लाभ मिला, जबकि 465 मोटरमैनों को मनोवैज्ञानिक परामर्श दिया गया।
देवघर स्थित बैद्यनाथ धाम हॉलिडे होम का जीर्णोद्धार किया गया। वहीं संविदा आधार पर 41 पूर्व सैनिकों को प्वाइंट्समैन के रूप में नियुक्त करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया।
आरपीएफ सुविधाओं का विस्तार
आरपीएफ कर्मियों के लिए दुर्गापुर में 15 बिस्तरों वाली महिला आरपीएफ बैरक, रानीगंज में 20 बिस्तरों वाली आरपीएफ बैरक और आसनसोल में 30 बिस्तरों वाली महिला आरपीएफ बैरक की सुविधा विकसित की गई। इसके अलावा 72 स्टाफ क्वार्टरों में भी सुधार कार्य किए गए।
समारोह के दौरान रेलवे स्कूल के विद्यार्थियों और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सदस्यों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
आसनसोल मंडल पूर्वी भारत के औद्योगिक एवं परिवहन नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी है। यह हावड़ा-दिल्ली मुख्य लाइन और ग्रैंड कॉर्ड मार्ग के माध्यम से यात्री एवं माल परिवहन को सुगम बनाता है।
समापन अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री संग्रह मौर्य ने रेलवे कर्मचारियों से सुरक्षित रेल संचालन, कुशल सेवाओं और बेहतर यात्री अनुभव सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रयास लगातार जारी रखने का आह्वान किया।













