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पश्चिम बंगाल

जेमुआ ग्राम पंचायत में महिला एवं बाल सुरक्षा पर जागरूकता अभियान आयोजित

न्यू टाउनशिप थाना पुलिस ने महिलाओं को साइबर सुरक्षा, कानूनी अधिकार, हेल्पलाइन सेवाओं और आपातकालीन सहायता की दी विस्तृत जानकारी

आसनसोल। क्षेत्रीय संवाददाता : महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से न्यू टाउनशिप पुलिस स्टेशन द्वारा जेमुआ ग्राम पंचायत में एक विशेष महिला एवं बाल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सुरक्षा, कानून तथा साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों की जानकारी देना तथा साइबर अपराधों से बचाव के प्रति लोगों को शिक्षित करना था। पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित महिलाओं के साथ संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार की घटना की समय पर सूचना पुलिस को दें, तो अपराधों की रोकथाम अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकती है।

महिलाओं को घरेलू हिंसा, सार्वजनिक स्थानों पर उत्पीड़न, पीछा करना (स्टॉकिंग), कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न और अन्य अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।

साइबर सुरक्षा पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

आज के डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा करना, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी लिंक और डिजिटल ब्लैकमेल जैसे अपराधों से कैसे बचा जा सकता है।

उन्हें सलाह दी गई कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तत्काल सूचना साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस को दें।

कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

कार्यक्रम में महिलाओं को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक महिला को सम्मानपूर्वक जीवन जीने, सुरक्षा प्राप्त करने और न्याय पाने का अधिकार है। किसी भी प्रकार के अपराध की स्थिति में कानून उनके संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था प्रदान करता है।

साथ ही यह भी बताया गया कि महिला हेल्प डेस्क, महिला पुलिस कर्मियों तथा विभिन्न सरकारी सहायता तंत्रों का उपयोग कर महिलाएं आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।

आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने समझाया कि संकट की स्थिति में तुरंत संबंधित हेल्पलाइन पर संपर्क करने से समय रहते सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि किसी भी घटना को छिपाने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देना अपराध नियंत्रण की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

बच्चों की सुरक्षा पर भी हुई चर्चा

महिला सुरक्षा के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा को भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। अधिकारियों ने अभिभावकों से कहा कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें, उन्हें अजनबियों से सतर्क रहने की शिक्षा दें और किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की आशंका होने पर तुरंत कार्रवाई करें।

बच्चों के अधिकारों, सुरक्षित वातावरण और जागरूक अभिभावक की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

संवादात्मक सत्र में महिलाओं ने पूछे प्रश्न

कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका संवादात्मक स्वरूप रहा। उपस्थित महिलाओं ने घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, सोशल मीडिया दुरुपयोग, कानूनी सहायता और पुलिस प्रक्रिया से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल भाषा में संतोषजनक उत्तर दिया।

इस संवाद ने महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ पुलिस और समाज के बीच विश्वास को भी मजबूत किया।

समाज की भागीदारी पर दिया गया बल

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें परिवार, पंचायत, विद्यालय, स्थानीय संस्थाओं और समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने सभी से अपील की कि यदि कहीं भी महिलाओं या बच्चों के साथ किसी प्रकार का अपराध, शोषण या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा

अधिकारियों ने कहा कि अपराधों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता है। यदि महिलाएं अपने अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और सुरक्षा उपायों की जानकारी रखें तो वे स्वयं को और अपने परिवार को अधिक सुरक्षित बना सकती हैं।

स्थानीय महिलाओं ने जताया उत्साह

कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर आयोजित होने चाहिए। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आवश्यकता पड़ने पर पुलिस से संपर्क करने में संकोच नहीं करतीं।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध और महिलाओं की सुरक्षा जैसे विषयों पर मिली जानकारी उनके दैनिक जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

पुलिस ने दिया सतर्क रहने का संदेश

कार्यक्रम के समापन पर न्यू टाउनशिप पुलिस स्टेशन की ओर से सभी प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे किसी भी अपराध या संदिग्ध गतिविधि की सूचना बिना किसी भय या संकोच के तत्काल पुलिस को दें। समय पर दी गई सूचना न केवल अपराध की रोकथाम में मदद करती है, बल्कि अन्य लोगों को भी संभावित खतरे से बचा सकती है।

पुलिस ने विश्वास दिलाया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज में सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।

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