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झारखण्ड

धनबाद में दुर्गा पूजा की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीजे पर प्रतिबंध और भारी वाहनों की एंट्री पर सख्ती

एसएसपी प्रभात कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक; पूजा पंडालों में सीसीटीवी, अग्निशमन उपकरण और पुलिस बल की तैनाती अनिवार्य, 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम

धनबाद।  रिपोर्ट-सरबजीत सिंह : दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को धनबाद के न्यू टाउन हॉल में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर निगम, जनप्रतिनिधियों और शांति समिति के सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और प्रतिमा विसर्जन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार और नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पूजा समितियों से निर्धारित नियमों का पालन करने और प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की गई।

प्रशासन ने विशेष रूप से पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, भीड़ प्रबंधन, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें बनाने, सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखने पर जोर दिया। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण, नए पार्किंग स्थलों की व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की योजना पर भी चर्चा हुई।

डीजे पर प्रतिबंध, विसर्जन मार्ग का सत्यापन अनिवार्य

वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बैठक में कहा कि दुर्गा पूजा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार पूजा एवं विसर्जन के दौरान डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

उन्होंने सभी पूजा समितियों को निर्देश दिया कि पूजा शुरू होने से पहले प्रतिमा विसर्जन के लिए निर्धारित मार्ग का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से कर लें। विसर्जन मार्ग पर किसी प्रकार की बाधा, संकरी सड़क, अवरोध या अन्य समस्या होने पर समय रहते संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दें, ताकि आवश्यक व्यवस्था की जा सके।

एसएसपी ने विसर्जन में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों की तकनीकी स्थिति की भी पहले से जांच कराने का निर्देश दिया। वाहन की स्थिति ठीक होने से विसर्जन के दौरान संभावित दुर्घटनाओं और तकनीकी खराबी की आशंका को कम किया जा सकता है।

उन्होंने पूजा समितियों से कहा कि प्रतिमा विसर्जन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संपन्न कराई जाए। किसी भी स्थिति में ऐसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे यातायात बाधित हो, लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो या विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो।

प्रशासन का मानना है कि पूजा और विसर्जन से संबंधित तैयारियां समय रहते पूरी कर लेने से अंतिम समय में होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है।

हर पूजा पंडाल में सीसीटीवी और अग्निशमन उपकरण अनिवार्य

दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न पूजा पंडालों में दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।

वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रत्येक पूजा पंडाल में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी, ताकि भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने सभी पूजा समितियों को अपने पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया। कैमरों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में समय रहते जानकारी मिल सके।

इसके साथ ही प्रत्येक पूजा पंडाल में अग्निशमन सुरक्षा के लिए फायर एक्सटिंग्विशर उपलब्ध रखना अनिवार्य बताया गया। बिजली के अस्थायी कनेक्शन, सजावटी लाइटों, विद्युत उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

पूजा समितियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पंडाल में आने-जाने के रास्ते व्यवस्थित रहें और भीड़ के कारण निकास मार्ग बाधित न हों। आपातकालीन परिस्थितियों में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था भी आवश्यक है।

प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि पूजा की भव्यता के साथ सुरक्षा मानकों का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें

पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। एसएसपी ने कहा कि महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग लाइन बनाई जाए, ताकि दर्शन के दौरान अनावश्यक धक्का-मुक्की और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

इसके साथ ही प्रत्येक पूजा समिति को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक यानी वॉलंटियर्स तैनात करने को कहा गया। स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी श्रद्धालुओं को सही दिशा दिखाने, कतारों को व्यवस्थित रखने और जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण होगी।

विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुविधा का ध्यान रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। पूजा पंडालों में स्थानीय थाना के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने और किसी भी समस्या की तत्काल सूचना पुलिस को देने की भी सलाह दी गई।

प्रशासन का मानना है कि पुलिस बल, पूजा समिति और स्वयंसेवकों के बीच बेहतर समन्वय से भीड़ को व्यवस्थित करना आसान होगा।

पंडालों में लगेंगे पुलिस अधिकारियों के नंबर और जागरूकता पोस्टर

सुरक्षा के साथ-साथ नागरिक जागरूकता को भी इस बार की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। एसएसपी ने निर्देश दिया कि सभी पूजा पंडालों के प्रमुख स्थानों पर जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के संपर्क नंबर प्रदर्शित किए जाएं।

इसके अलावा साइबर अपराध से बचाव और नशा मुक्ति से संबंधित जागरूकता पोस्टर भी अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।

त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोग बाजारों, पूजा पंडालों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचते हैं। इस दौरान ऑनलाइन धोखाधड़ी, संदिग्ध गतिविधियों और अन्य अपराधों के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है। संपर्क नंबर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होने से लोगों को जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने में सुविधा होगी।

प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की कि वे किसी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें। यदि किसी स्थान पर कोई असामान्य स्थिति दिखाई देती है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

एसएसपी ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों का सहयोग कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पीक आवर्स में शहर में भारी वाहनों का प्रवेश बंद

दुर्गा पूजा के दौरान धनबाद शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष रणनीति तैयार की है। वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अधिक भीड़ वाले समय यानी पीक आवर्स में भारी वाहनों का शहर में प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य पूजा पंडालों, बाजारों और प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव कम करना है। भारी वाहनों की आवाजाही से व्यस्त सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका रहती है। ऐसे में पूजा के दौरान इनके प्रवेश पर नियंत्रण से श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को राहत मिल सकती है।

एसएसपी ने बताया कि बरमसिया में हाइट बैरियर लगाया जाएगा, ताकि बड़े वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित किया जा सके।

इसके अतिरिक्त नए पार्किंग स्थलों को भी चिह्नित किया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि पूजा देखने आने वाले श्रद्धालुओं को वाहन खड़ा करने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध हो और सड़क किनारे अनियंत्रित पार्किंग के कारण जाम की स्थिति न बने।

यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए वाहन चालकों से भी अपील की गई कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का सहयोगपूर्वक पालन करें।

गोल्फ ग्राउंड और कोहिनूर वेंडिंग जोन में पार्किंग व्यवस्था

बैठक में नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गोल्फ ग्राउंड और कोहिनूर वेंडिंग जोन में समुचित पार्किंग व्यवस्था की गई है।

दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने निजी वाहनों से पूजा पंडालों और बाजारों तक पहुंचते हैं। यदि वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने की व्यवस्था न हो, तो मुख्य सड़कों और संपर्क मार्गों पर जाम लगने की समस्या बढ़ सकती है।

ऐसे में निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करना यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में मददगार होगा। श्रद्धालुओं से अपेक्षा की गई है कि वे अपने वाहनों को उचित स्थान पर खड़ा करें और सड़क, चौक या प्रवेश मार्गों पर वाहन छोड़कर न जाएं।

प्रशासन की ओर से पार्किंग व्यवस्था के साथ-साथ यातायात नियंत्रण पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि पूजा के दौरान शहर में लोगों की आवाजाही सुगम बनी रहे।

24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम, सोशल मीडिया पर निगरानी

दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सतर्क रहेंगे। एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि पूजा अवधि में कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्यरत रहेगा।

उन्होंने कहा कि आपातकालीन सहायता के लिए डायल 112 के अतिरिक्त कंट्रोल रूम में चार अन्य मोबाइल नंबर भी सक्रिय रहेंगे। इन माध्यमों से नागरिक जरूरत पड़ने पर पुलिस और प्रशासन तक अपनी सूचना पहुंचा सकेंगे।

एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर पुलिस की 24 घंटे कड़ी निगरानी रहेगी। त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या आपत्तिजनक संदेश से तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए विशेष सतर्कता बरती जाएगी।

उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन से अपील की कि वे अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए अपने ग्रुप की सेटिंग ‘Only Admin Can Post’ रखें। इससे ग्रुप में संदेश भेजने पर नियंत्रण रखने और बिना पुष्टि वाली सूचनाओं के तेजी से प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी संदेश या वीडियो को सत्यापित किए बिना साझा न करें। यदि कोई सूचना संदिग्ध लगे, तो उसे आगे प्रसारित करने के बजाय पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पुष्टि करें।

शांति भंग करने वालों पर रहेगी पुलिस की नजर

वरीय पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने की अपील की।

एसएसपी ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इससे नागरिक बिना किसी भय के पुलिस को आवश्यक जानकारी दे सकेंगे।

प्रशासन का उद्देश्य है कि दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके और श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा-अर्चना कर सकें।

त्योहार के दौरान आपसी सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार की भड़काऊ सामग्री, अफवाह या विवादित संदेश से दूर रहने की अपील की।

स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति और तालाबों की सफाई पर नगर निगम का जोर

नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने बैठक में नागरिक सुविधाओं को लेकर नगर निगम की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान निर्बाध प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए शहर की सभी स्ट्रीट लाइटों को युद्ध स्तर पर दुरुस्त किया जा रहा है।

पूजा पंडालों, प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त रोशनी रहने से श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलती है। इससे रात के समय सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में भी सहायता मिलती है।

नगर आयुक्त ने बताया कि पूजा अवधि में शहर में सुचारू और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।

इसके अतिरिक्त तालाबों की सफाई तीन चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण दुर्गा पूजा से पहले, दूसरा प्रतिमा विसर्जन के तुरंत बाद और तीसरा आगामी छठ पूजा से पूर्व पूरा किया जाएगा।

नगर आयुक्त ने सभी पूजा समितियों से अपील की कि वे प्रतिमाओं का विसर्जन केवल नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही करें।

निर्धारित स्थलों पर विसर्जन कराने से व्यवस्था बनाए रखने, तालाबों की स्वच्छता और जलस्रोतों के संरक्षण में मदद मिल सकती है। त्योहार के बाद सार्वजनिक स्थलों की सफाई भी जरूरी है, ताकि नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।

विधायक राज सिन्हा ने यातायात और सुरक्षा को लेकर दिए सुझाव

बैठक में धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने दुर्गा पूजा के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव दिए।

उन्होंने ब्रांच रोड पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने, भारी वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करने और पूजा पंडालों के आसपास स्थित शराब की दुकानों पर विशेष चौकसी रखने का सुझाव दिया।

विधायक ने मुख्य सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता भी उठाई। इसके अलावा मुख्य सड़क पर बने कट बंद करने का सुझाव दिया, ताकि यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सके।

त्योहार के दौरान प्रमुख मार्गों पर वाहनों और पैदल चलने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क के कट, अनियंत्रित आवाजाही और आवारा पशुओं की मौजूदगी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।

विधायक के सुझावों पर प्रशासनिक स्तर पर समुचित विचार और आवश्यकतानुसार कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

झरिया विधायक रागिनी सिंह ने जाम से राहत पर दिया जोर

झरिया की विधायक रागिनी सिंह ने बैठक में झरिया क्षेत्र को जाम मुक्त रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि आपातकालीन परिस्थितियों में आम नागरिकों के वाहनों को रास्ता देने की उचित व्यवस्था की जाए।

त्योहार के दौरान भीड़ और यातायात के दबाव के बीच एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और अन्य आपातकालीन सेवाओं का निर्बाध आवागमन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसी तरह किसी जरूरी कार्य से जा रहे नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए यातायात प्रबंधन में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है।

झरिया क्षेत्र में जाम की समस्या को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

महापौर संजीव सिंह ने दिया समस्याओं के समाधान का भरोसा

धनबाद नगर निगम के महापौर संजीव सिंह ने बैठक में कहा कि नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम मिलकर काम करेंगे।

उन्होंने भरोसा जताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जिले के लोग दुर्गा पूजा का पर्व अच्छे से मना सकेंगे।

नगर निगम और जिला प्रशासन के बीच समन्वय से सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग और अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान करने में मदद मिल सकती है।

चिरकुंडा नगर परिषद की अध्यक्ष सुनीता देवी ने भी आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने का भरोसा दिलाया।

बैठक में जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय स्तर की समस्याओं और सुझावों को सामने रखा, ताकि दुर्गा पूजा के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

बड़ी संख्या में शांति समिति के सदस्य रहे मौजूद

जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में कई सामाजिक प्रतिनिधियों और समिति सदस्यों ने अपने सुझाव साझा किए।

बैठक में राणा चट्टराज, राम गोपाल भुवानिया, अजीत कुमार मिश्रा, मनौवर अंसारी, भगत सिंह, कार्तिक हाड़ी, महादेव हांसदा, मोहम्मद कयूम खान, मुख्तार खान, विजय शर्मा, पिंटू कुमार तुरी, अनवरी खातून, संजय कुमार, मुरारी लाल रविदास, गोपाल पांडे, आनंद कुमार, बैजनाथ यादव, मोहम्मद हकीम अंसारी, राम विलास राम, बलराम प्रसाद साव, कुलदीप अग्रवाल, भोलाराम, डीएन पाठक, डीएन यादव, मोहम्मद अफजल खान और मोहम्मद मेराज खान सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

इसके अलावा अपर समाहर्ता प्रदीप कुमार शुक्ला, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर अरविंद कुमार ओझा, अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, टुंडी के विधायक के प्रतिनिधि जगदीश कुमार चौधरी तथा अन्य प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन के साथ सहयोग करने और स्थानीय स्तर पर आवश्यक सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया।

प्रशासन की अपील: सौहार्द के साथ मनाएं दुर्गा पूजा

जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक के अंत में जिला प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों और पूजा समितियों से नियमों का पालन करते हुए दुर्गा पूजा का पर्व आपसी सौहार्द, उत्साह और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की।

प्रशासन की तैयारियों में सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, पार्किंग, बिजली, जलापूर्ति, सफाई, विसर्जन और सोशल मीडिया पर निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।

पूजा समितियों से अपेक्षा की गई है कि वे समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करें और स्थानीय थाना तथा प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में रहें। वहीं आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

कुल मिलाकर, धनबाद जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए व्यापक तैयारियों का खाका प्रस्तुत किया है। अब इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन और आम नागरिकों के सहयोग से ही त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना संभव होगा।

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