निरसा प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार से हटाया गया अतिक्रमण
सरबजीत सिंह

प्रशासन की सख्त कार्रवाई; दोबारा कब्जा करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
निरसा-धनबाद-: धनबाद जिले के निरसा प्रखंड सह अंचल कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बुधवार को सख्त कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) इंद्रलाल ओहदार एवं अंचल अधिकारी (सीओ) विक्रम आनंद के नेतृत्व में पुलिस बल की मौजूदगी में यह अभियान चलाया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान मुख्य गेट के सामने लंबे समय से सरकारी जमीन पर अस्थायी दुकानें लगाकर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के कारण प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रतिदिन जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही थी, जिससे कार्यालय आने वाले आम नागरिकों, कर्मचारियों और अधिकारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था।
कई बार चेतावनी के बावजूद नहीं माने अतिक्रमणकारी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इससे पहले भी कई बार प्रखंड प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को हटाया गया था। दुकानदारों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया था कि वे सरकारी भूमि एवं मुख्य प्रवेश द्वार के समीप किसी प्रकार की दुकान या अस्थायी ढांचा न लगाएं। हालांकि, कार्रवाई के बाद कुछ समय तक अतिक्रमण हट जाता था, लेकिन बाद में पुनः उसी स्थान पर दुकानें लगा दी जाती थीं।
लगातार मिल रही शिकायतों और यातायात संबंधी समस्याओं को देखते हुए इस बार प्रशासन ने पुलिस बल के साथ व्यापक अभियान चलाकर पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया।
कार्रवाई के दौरान हुई नोकझोंक
अभियान के दौरान कुछ दुकानदारों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और बिना किसी बड़ी अप्रिय घटना के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
भविष्य में दोबारा अतिक्रमण पर होगी कानूनी कार्रवाई
अतिक्रमण हटाने के बाद बीडीओ और सीओ ने मौके पर मौजूद लोगों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी व्यक्ति द्वारा सरकारी भूमि अथवा प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार के आसपास दोबारा अतिक्रमण कर दुकान लगाने या अन्य किसी प्रकार का अवैध कब्जा करने का प्रयास किया गया, तो उसके विरुद्ध सरकारी नियमों एवं विधिक प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने कहा कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम जनता को भी असुविधा होती है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

आम लोगों को मिलेगी राहत
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य द्वार के सामने अवैध दुकानों के कारण प्रतिदिन जाम की स्थिति बन जाती थी। कार्यालय आने वाले वृद्ध, महिलाएं, दिव्यांगजन तथा अन्य नागरिकों को परिसर में प्रवेश करने में कठिनाई होती थी। अतिक्रमण हटने से अब मुख्य मार्ग खुल गया है और लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकारी भूमि पर निगरानी होगी और कड़ी
प्रशासनिक अधिकारियों ने संकेत दिया कि निरसा प्रखंड परिसर एवं उसके आसपास स्थित सरकारी भूमि पर अब नियमित निगरानी रखी जाएगी। यदि कहीं भी नए सिरे से अतिक्रमण करने का प्रयास किया गया तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, वरीय अधिकारियों के निर्देश पर जिले में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी परिसरों को व्यवस्थित रखना तथा आम नागरिकों को निर्बाध एवं सुरक्षित सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बढ़ावा न दें और यदि कहीं अतिक्रमण की सूचना मिले तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।













