Advertisement
झारखण्ड

झिलिया पुल निर्माण में बड़ा व्यवधान : डायवर्शन रोड धंसने से पांच घंटे ठप रहा यातायात

सरबजीत सिंह

निरसा-चिरकुंडा: एग्यारकुण्ड प्रखंड के मैथन रोड स्थित शंकर टाकीज के समीप निर्माणाधीन झिलिया पुल के लिए बनाई गई अस्थायी डायवर्शन सड़क मंगलवार सुबह अचानक धंस गई। सड़क धंसने से क्षेत्र का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और लगभग पांच घंटे तक यातायात ठप रहा। इस दौरान आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, दैनिक यात्रियों और स्थानीय व्यवसायियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

डायवर्शन मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण टेंपो, ऑटो और टोटो सहित सभी छोटे-बड़े वाहनों का परिचालन बंद हो गया। कई स्कूली छात्र-छात्राओं को पैदल ही अपने विद्यालय तक पहुंचना पड़ा, जबकि आवश्यक कार्यों से निकलने वाले लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा।

आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम

घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने करीब दो घंटे तक सड़क जाम कर प्रशासन और निर्माण एजेंसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि पुल निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी और घटिया व्यवस्था का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पुल निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और बरसात के मौसम को देखते हुए डायवर्शन मार्ग को सुरक्षित एवं मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सूचना मिलने के बाद पहुंची जेसीबी मशीन

घटना की जानकारी मिलते ही निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार को सूचित किया गया। इसके बाद जेसीबी मशीन मौके पर पहुंची और धंसी हुई डायवर्शन सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद मार्ग को अस्थायी रूप से बहाल किया गया, जिससे धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।

पहले ही दी गई थी चेतावनी – नागेंद्र कुमार

मौके पर मौजूद भाकपा माले नेता नागेंद्र कुमार ने कहा कि पुल निर्माण शुरू होने के समय ही ठेकेदार, पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं और जूनियर इंजीनियर (JE) को झिलिया नदी के भौगोलिक स्वरूप और उसके बाढ़ प्रभावित इतिहास से अवगत कराया गया था।

उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने पहले ही सुझाव दिया था कि बरसात शुरू होने से पहले पुल निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए, अन्यथा अस्थायी डायवर्शन सड़क के धंसने या बह जाने का खतरा बना रहेगा। इसके बावजूद निर्माण कार्य में अपेक्षित गति नहीं दिखाई गई।

बरसात में बढ़ सकता है खतरा

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मानसून की शुरुआत हो चुकी है और लगातार हो रही बारिश के कारण डायवर्शन सड़क पर खतरा और बढ़ गया है। यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

लोगों ने आशंका जताई कि यदि भारी वाहन या स्कूली वाहन इस मार्ग से गुजरते समय सड़क फिर धंस गई तो गंभीर दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।

डायवर्शन सड़क को पक्का बनाने की मांग

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा निर्माण एजेंसी से मांग की है कि निर्माणाधीन पुल का कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए। साथ ही अस्थायी डायवर्शन मार्ग को केवल मिट्टी से भरने के बजाय मजबूत एवं पक्का बनाया जाए, ताकि बरसात के दौरान भी सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।

प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उनका कहना है कि पुल निर्माण में लगातार हो रही देरी के कारण हजारों लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते पुल निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ और भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग, निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की होगी।

जनता की प्रमुख मांगें
  • झिलिया पुल निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
  • डायवर्शन सड़क को तत्काल मजबूत एवं पक्का बनाया जाए।
  • निर्माण कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
  • बरसात के दौरान सुरक्षित यातायात के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
  • लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि झिलिया पुल क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। ऐसे में निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे जल्द पूरा करना न केवल क्षेत्र के विकास, बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
.site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}