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झारखण्ड

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-30 जून से इन्यूमरेशन फेज का शुभारंभ:

क्षेत्रीय संवाददाता

रांची : लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाने वाली मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से 30 जून 2026 से पूरे झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के अंतर्गत इन्यूमरेशन फेज का विधिवत शुभारंभ हो गया है। इस अभियान के माध्यम से प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा अपात्र नामों को हटाकर मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने इस अवसर पर कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने का एक व्यापक जनसहभागिता अभियान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संपूर्ण प्रक्रिया पूरी तरह सहभागी (Participatory), पारदर्शी (Transparent) तथा अंकेक्षण योग्य (Auditable) है, जिसमें प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड रखा जाता है और राजनीतिक दलों सहित सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है।

लोकतंत्र की नींव है शुद्ध मतदाता सूची

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती एक सही और अद्यतन मतदाता सूची पर निर्भर करती है। यदि मतदाता सूची में त्रुटियां हों, तो चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। इसी उद्देश्य से निर्वाचन आयोग समय-समय पर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाता है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि इस अभियान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और एक भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।

30 जून से शुरू हुआ इन्यूमरेशन फेज

30 जून से प्रारंभ हुए इन्यूमरेशन फेज के अंतर्गत जिले के सभी बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क स्थापित कर रहे हैं। प्रत्येक परिवार को आंशिक रूप से भरा हुआ इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है।

मतदाताओं को फॉर्म की दो प्रतियां दी जाएंगी। एक प्रति भरकर बीएलओ को वापस करनी होगी, जबकि दूसरी प्रति पावती के रूप में मतदाता अपने पास सुरक्षित रख सकेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहेगी।

बिना दस्तावेज के भी भर सकेंगे फॉर्म

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि इन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय मतदाताओं को किसी प्रकार के दस्तावेज तत्काल जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए सरल बनाई गई है। यदि किसी मतदाता के संबंध में आगे चलकर दस्तावेज की आवश्यकता होगी, तो निर्वाचन पंजीकरण पदाधिकारी (ERO) द्वारा विधिवत नोटिस जारी किया जाएगा।

5 अगस्त को होगा ड्राफ्ट प्रकाशन

जो मतदाता निर्धारित समयावधि में अपना इन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर देंगे, उनका नाम 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

इसके बाद यदि किसी मतदाता के नाम, पते, आयु अथवा अन्य विवरण में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुधारा जा सकेगा।

मैपिंग नहीं हुई तो कराएं तुरंत

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं की पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मैपिंग नहीं हो सकी थी, वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने बीएलओ को सही जानकारी उपलब्ध कराएं।

यदि किसी कारणवश बीएलओ स्तर पर मैपिंग संभव नहीं हो पाती है, तो संबंधित मतदाता को ईआरओ कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस प्राप्त होने के बाद आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पर उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

प्रत्येक स्तर पर होता है अंकेक्षण

श्री के. रवि कुमार ने विशेष रूप से कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पूर्णतः ऑडिटेबल (Auditable) प्रक्रिया है।

उन्होंने बताया कि—

  • प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है।
  • बीएलओ द्वारा किए गए कार्यों की नियमित निगरानी होती है।
  • निर्वाचन अधिकारियों द्वारा समय-समय पर सत्यापन किया जाता है।
  • सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
  • प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अंकेक्षण की व्यवस्था लागू रहती है।

उन्होंने कहा कि यही कारण है कि यह प्रक्रिया देश की सबसे विश्वसनीय प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक मानी जाती है।

संविधान के अनुच्छेद 326 का किया उल्लेख

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक अपने इस संवैधानिक अधिकार का उपयोग कर सके। इसलिए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को अत्यंत गंभीरता और निष्पक्षता के साथ संचालित किया जा रहा है।

राजनीतिक दलों की भी रहेगी भागीदारी

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के प्रत्येक चरण में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है।

उन्हें समय-समय पर अभियान की प्रगति, ड्राफ्ट सूची, दावे एवं आपत्तियों सहित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनी रहे।

मतदाताओं से सहयोग की अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि जब बीएलओ उनके घर पहुंचे तो वे पूरा सहयोग करें।

उन्होंने कहा कि सही जानकारी उपलब्ध कराने से मतदाता सूची अधिक शुद्ध और त्रुटिरहित बनेगी। यदि किसी प्रकार की जानकारी छिपाई जाती है या गलत विवरण दिया जाता है, तो भविष्य में मतदाता सूची में नाम शामिल होने या सुधार कराने में कठिनाई आ सकती है।

बीएलओ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में बूथ लेवल अधिकारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बीएलओ प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर मतदाता विवरण का सत्यापन करेंगे तथा आवश्यक जानकारी एकत्रित करेंगे।

निर्वाचन विभाग ने सभी बीएलओ को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने तथा प्रत्येक मतदाता से विनम्र व्यवहार रखने के निर्देश दिए हैं।

निर्वाचन आयोग का लक्ष्य

निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि राज्य की मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन, सटीक और त्रुटिरहित हो। इसके लिए आधुनिक तकनीक, फील्ड सत्यापन और जनसहभागिता—तीनों का समन्वय किया जा रहा है।

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के माध्यम से नए मतदाताओं को जोड़ने, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने तथा मतदाता विवरण में आवश्यक संशोधन करने का कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

लोकतंत्र को मजबूत बनाने का अभियान

विशेषज्ञों का मानना है कि शुद्ध मतदाता सूची निष्पक्ष एवं विश्वसनीय चुनाव की आधारशिला होती है। यही कारण है कि निर्वाचन आयोग इस अभियान को केवल प्रशासनिक कार्य न मानकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का एक व्यापक जनआंदोलन बना रहा है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने अंत में सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक मतदाता इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाए और अपने परिवार सहित निर्धारित समय पर इन्यूमरेशन फॉर्म भरकर बीएलओ को उपलब्ध कराए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग से झारखंड की मतदाता सूची और अधिक सटीक, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनेगी, जिससे लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी।

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