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झारखण्ड

राष्ट्रीय राजमार्ग को ‘एक्सीडेंट फ्री’ बनाने के लिए हाईवे टास्क फोर्स का गठन

सरबजीत सिंह

धनबाद, झारखंड। जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग को दुर्घटना मुक्त बनाने के लिए हाईवे टास्क फोर्स के गठन का निर्णय लिया गया।

यह विशेष टास्क फोर्स हरिहरपुर से मैथन तक राष्ट्रीय राजमार्ग की चौबीसों घंटे निगरानी करेगी और शनिवार से ही अभियान शुरू कर देगी। टास्क फोर्स में जिला परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस तथा अन्य संबंधित एजेंसियों की संयुक्त भागीदारी होगी। इसके साथ पुलिस बल, हाइड्रा मशीन और क्रेन भी तैनात रहेंगे ताकि सड़क पर खड़े खराब वाहनों को तत्काल हटाया जा सके और यातायात को बाधारहित बनाया जा सके।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर विशेष निगरानी

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं के कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने पाया कि ओवरस्पीड, लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाना, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा सड़क किनारे अतिक्रमण, अवैध कट, खराब स्ट्रीट लाइट और बेतरतीब खड़े वाहन भी हादसों को बढ़ावा दे रहे हैं।

इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए गठित हाईवे टास्क फोर्स सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर कार्य करेगी। टास्क फोर्स अवैध कटों को बंद कराने, खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराने, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने की दिशा में काम करेगी।

‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ नियम का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई

बैठक में उपायुक्त ने जिले के 11 पेट्रोल पंपों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इन पेट्रोल पंपों पर ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ नियम का पालन नहीं करने के आरोप हैं।

जिन पेट्रोल पंपों को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया है, उनमें निरसा देवयाना स्थित भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप, बाबा लोकनाथ सर्विस स्टेशन, आकाश फ्यूल्स, कुमार फ्यूल्स, मां शक्ति फ्यूल्स, मंगलम फ्यूल्स, चीरुडीह पेट्रोल पंप, गुप्ता एनर्जी, रतन जी भगवान जी एंड कंपनी तथा तालडांगा पेट्रोल पंप शामिल हैं।

प्रशासन ने इन पेट्रोल पंप संचालकों से जवाब मांगा है कि नियमों के उल्लंघन के कारण उनके लाइसेंस रद्द क्यों न किए जाएं।

दुर्घटना पीड़ितों के लिए ‘फर्स्ट एड कॉर्नर’ की व्यवस्था

सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने एक नई पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होटल, क्लीनिक, बड़े प्रतिष्ठानों और व्यावसायिक केंद्रों में फर्स्ट एड कॉर्नर विकसित किए जाएंगे।

इन संस्थानों के कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस बुलाने और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और समय पर सहायता मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।

सड़क दुर्घटनाओं के चौंकाने वाले आंकड़े

बैठक के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी. द्विवेदी ने सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए। उनके अनुसार, पिछले दो महीनों के विश्लेषण में पाया गया कि:

  • ओवरस्पीड के कारण 87 दुर्घटनाएं हुईं।
  • रॉन्ग साइड ड्राइविंग से 9 हादसे हुए।
  • नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से 9 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं।
  • अंधेरे के कारण 8 दुर्घटनाएं हुईं।
  • ओवरटेकिंग के चलते 5 हादसे हुए।
  • ड्रिंक एंड ड्राइव के 5 मामले सामने आए।
  • मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन चलाने से 1 दुर्घटना हुई।
  • 14 दुर्घटनाएं अन्य कारणों से हुईं।

वर्ष 2025-26 में जिले में 139 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 30 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 94 दुर्घटनाएं घातक साबित हुईं।

केवल मार्च माह में ही 65 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 39 लोगों की मृत्यु हो गई। इन आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

राजस्व संग्रह और स्कूल वाहनों पर कार्रवाई

परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 2 करोड़ 23 लाख 97 हजार 955 रुपये का राजस्व संग्रह किया है। वहीं यातायात विभाग ने 5 करोड़ 58 लाख 79 हजार रुपये का राजस्व अर्जित किया।

इसके अतिरिक्त 19 विद्यालयों के 157 स्कूली वाहनों की जांच कर 9 लाख 51 हजार रुपये का चालान किया गया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एनएचएआई और अन्य एजेंसियों को विशेष निर्देश

उपायुक्त ने बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इनमें सड़कों पर रिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाने, चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को सुरक्षित बनाने और सड़क सुरक्षा से जुड़े अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश शामिल हैं।

इसके अलावा:

  • बैंक मोड़ क्षेत्र में पार्किंग स्थल चिह्नित करने के लिए अंचल अधिकारी को निर्देश दिया गया।
  • सड़क पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया।
  • प्रधानखंता रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण कराने का निर्णय लिया गया।
  • बैंक मोड़ से झरिया तक खड़े लावारिस वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस को भी दिए गए विशेष निर्देश

बैठक में मौजूद वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सड़क बाधित करने वाले स्थलों की पहचान कर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। रिपोर्ट में फोटो सहित जानकारी देने को कहा गया है ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने की तैयारी

जिला प्रशासन का मानना है कि केवल सरकारी कार्रवाई से सड़क दुर्घटनाओं को पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सकता। इसके लिए आम लोगों की सहभागिता भी आवश्यक है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति सीमा का पालन करना और यातायात नियमों का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

प्रशासन द्वारा गठित हाईवे टास्क फोर्स को सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अधिकारियों का विश्वास है कि इस संयुक्त अभियान से राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों की जान बचाई जा सकेगी।

बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल, अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, जिला परिवहन पदाधिकारी दिवाकर सी. द्विवेदी, ट्रैफिक डीएसपी रोहित कुमार साव, विभिन्न विभागों के अधिकारी, एनएचएआई, रेलवे, जेबीवीएनएल, बीसीसीएल तथा सड़क सुरक्षा टीम के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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