गोविंदपुर बेसिक स्कूल की बदहाली पर प्रशासन सख्त, शिकायत के बाद SDEO ने किया औचक निरीक्षण
सुरक्षा, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं में मिली गंभीर खामियां, विभागीय इंजीनियर को शीघ्र सुधार कार्य पूरा करने के निर्देश

धनबाद-गोविंदपुर I क्षेत्रीय संवाददाता : गोविंदपुर स्थित बेसिक स्कूल में लंबे समय से व्याप्त अव्यवस्थाओं और सुरक्षा संबंधी गंभीर खामियों को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। युवा नेता धीरज शर्मा द्वारा झारखंड सरकार के मुख्य सचिव एवं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को भेजी गई शिकायत के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। शिकायत के आधार पर अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी (SDEO) कुमारी स्वाति ने 31 जुलाई 2026 को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में सुरक्षा, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी कई गंभीर कमियां उजागर हुईं। निरीक्षण के बाद SDEO ने विभागीय अभियंता (इंजीनियर) को आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद विभागीय इंजीनियर ने भी विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक कार्यों का आकलन किया।
सात एकड़ में फैला विद्यालय, लेकिन बदहाल व्यवस्था
करीब सात एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस विद्यालय परिसर में बेसिक स्कूल के साथ-साथ ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (BRC) भवन एवं एक आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित है। बावजूद इसके, लंबे समय से रखरखाव के अभाव में पूरा परिसर जर्जर और अव्यवस्थित स्थिति में पाया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि विद्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार अधिकांश समय खुला रहता है तथा चारदीवारी कई स्थानों पर टूटी हुई है। इससे विद्यालय परिसर में असामाजिक तत्वों के प्रवेश की आशंका बनी रहती है और विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
खुले गेट और टूटी चारदीवारी से बढ़ा सुरक्षा संकट
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि विद्यालय का मुख्य गेट 24 घंटे खुला रहता है। इसके साथ ही चारदीवारी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने के कारण कोई भी व्यक्ति आसानी से परिसर में प्रवेश कर सकता है।
अधिकारियों ने इसे बच्चों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय माना। SDEO ने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि विद्यालय का मुख्य द्वार केवल स्कूल संचालन अवधि में ही खोला जाए तथा परिसर की सुरक्षा के लिए चौकीदार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कूड़ा-कचरे और झाड़ियों से बढ़ रही परेशानी
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि आसपास के बाजार का कूड़ा-कचरा विद्यालय परिसर में फेंका जा रहा है। इससे विद्यालय का वातावरण दूषित हो रहा है और छात्राओं तथा आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाली महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विद्यालय परिसर में कई स्थानों पर घनी झाड़ियां उग आई हैं, जिससे सांप एवं अन्य विषैले जीव-जंतुओं का खतरा लगातार बना हुआ है। अधिकारियों ने तत्काल सफाई अभियान चलाकर झाड़ियों को हटाने के निर्देश दिए।
बरसात में जलजमाव से बाधित होती है पढ़ाई
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि बारिश के दौरान विद्यालय के मुख्य प्रवेश मार्ग पर भारी जलजमाव हो जाता है। इससे विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इस समस्या के समाधान के लिए मुख्य मार्ग पर पेवर ब्लॉक लगाने तथा प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए गए ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
जर्जर भवन और खराब शौचालयों पर जताई चिंता
विद्यालय भवन, हैंडवॉशिंग यूनिट और शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। निरीक्षण के दौरान पता चला कि विद्यालय में बने चार शौचालयों में से केवल दो ही उपयोग योग्य हैं, जबकि शेष दो पूरी तरह जर्जर स्थिति में हैं।
स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को देखते हुए SDEO ने सभी शौचालयों की तत्काल मरम्मत, नियमित साफ-सफाई तथा हैंडवॉशिंग यूनिट एवं पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
खेल मैदान विकसित करने के निर्देश
विद्यालय परिसर में पर्याप्त खुला क्षेत्र होने के बावजूद बच्चों के लिए व्यवस्थित खेल मैदान उपलब्ध नहीं है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्देश दिया कि परिसर की साफ-सफाई कर झाड़ियों को हटाया जाए तथा बच्चों के शारीरिक विकास को ध्यान में रखते हुए खेल मैदान विकसित किया जाए।
BRC भवन के लिए अलग प्रवेश मार्ग बनाने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि विद्यालय परिसर में संचालित BRC भवन के कारण बाहरी लोगों का आवागमन बना रहता है।
विद्यालय की सुरक्षा और विद्यार्थियों की निजता बनाए रखने के उद्देश्य से SDEO ने BRC भवन के लिए अलग प्रवेश मार्ग विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यालय परिसर में अनावश्यक आवाजाही कम हो सके।
विभागीय इंजीनियर को जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के बाद SDEO ने विभागीय अभियंता को सभी कमियों का विस्तृत आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत एवं विकास कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने कहा कि विद्यालय को सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।
प्रधानाध्यापक ने भेजी विस्तृत रिपोर्ट
विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने निरीक्षण के दौरान सामने आई सभी समस्याओं का विस्तृत प्रतिवेदन संबंधित विभाग को भेज दिया है। रिपोर्ट में विद्यालय की सुरक्षा, भवन मरम्मत, स्वच्छता, जल निकासी, पेयजल, शौचालय तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया है।
मॉडल स्कूल बनाने की दिशा में पहल
शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यालय को केवल मरम्मत तक सीमित रखना नहीं, बल्कि इसे एक स्वच्छ, सुरक्षित और मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करना है। इसके लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि वर्षों से चली आ रही समस्याओं का अब स्थायी समाधान होगा और बच्चों को बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
