Advertisement
झारखण्ड

जनगणना 2027 तक जनगणना अधिकारियों के तबादले पर रोक, केंद्र ने राज्यों को जारी किया निर्देश

संपादकीय

राँची-नई दिल्ली: भारत सरकार ने वर्ष 2027 की जनगणना को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्यों को निर्देश जारी किया है कि जनगणना कार्य के लिए नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्थानांतरण 31 मार्च 2027 तक नहीं किया जाए। इस संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत जनगणना संचालन निदेशालय, झारखंड ने राज्य सरकार को आधिकारिक पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।

निर्देशक, जनगणना संचालन निदेशालय, झारखंड द्वारा मुख्य सचिव, झारखंड सरकार को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि भारत की जनगणना 2027 दो चरणों में डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी। इस बार जनगणना प्रक्रिया में स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

पत्र के अनुसार जनगणना का पहला चरण मकान सूचीकरण एवं आवास गणना होगा, जिसे अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच राज्य में निर्धारित 30 दिनों की अवधि में संचालित किया जाएगा। इसके बाद दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जिसे वर्ष 2027 में आयोजित किया जाएगा।

जनगणना संचालन निदेशालय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि जिला, प्रखंड तथा नगर स्तर पर जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ये अधिकारी जनगणना अधिनियम 1948 तथा जनगणना नियमावली 1990 के तहत जनगणना कार्यों के निष्पादन के लिए उत्तरदायी होंगे।

अधिकारियों का कहना है कि जनगणना जैसा विशाल और संवेदनशील कार्य प्रशिक्षित एवं अनुभवी अधिकारियों की निरंतर उपलब्धता पर निर्भर करता है। ऐसे में बार-बार स्थानांतरण होने से जनगणना की तैयारियों और क्रियान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण केंद्र सरकार ने संबंधित अधिकारियों को उनके वर्तमान पदस्थापन स्थल पर बनाए रखने की आवश्यकता जताई है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि गृह सचिव, भारत सरकार ने 11 मार्च 2026 को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। उसी के आलोक में झारखंड सरकार से अनुरोध किया गया है कि जनगणना 2027 के लिए नियुक्त अधिकारियों का तबादला 31 मार्च 2027 तक नहीं किया जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की आगामी जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होगी क्योंकि यह पहली बार बड़े पैमाने पर डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्व-गणना प्रणाली के साथ आयोजित की जाएगी। इससे आंकड़ों के संकलन, सत्यापन और विश्लेषण की प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी होने की उम्मीद है।

जनगणना के आंकड़े देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों, शहरी नियोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना से जुड़ी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए केंद्र सरकार इस महाअभियान की तैयारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार आने वाले महीनों में जनगणना से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम, डिजिटल प्लेटफॉर्म की तैयारी तथा फील्ड स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारियों को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा, ताकि देश की सबसे बड़ी सांख्यिकीय प्रक्रिया निर्धारित समय में सफलतापूर्वक पूरी की जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
.site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}