
सुरक्षा, अतिक्रमण हटाने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर
रांची: आगामी जगन्नाथपुर रथयात्रा एवं मेले के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रांची के उपायुक्त ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रथयात्रा मार्ग तथा मौसीबाड़ी परिसर का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता तथा विभिन्न आधारभूत व्यवस्थाओं का गहन आकलन किया गया और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक (नगर) पारस राणा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) धनंजय, पुलिस उपाधीक्षक हटिया नीरज कुमार, संबंधित थाना प्रभारी, मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
रथयात्रा मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाने का निर्देश
उपायुक्त ने रथयात्रा मार्ग का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि पूरे मार्ग पर कहीं भी कंकड़, गड्ढे अथवा अन्य अवरोध नहीं रहने चाहिए, ताकि भगवान जगन्नाथ के रथ के संचालन एवं लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
उन्होंने संबंधित विभागों को मार्ग का समुचित समतलीकरण, साफ-सफाई तथा आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। अधिकारियों से कहा गया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कर लिए जाएं।
अतिक्रमण हटाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने रथयात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को तत्काल हटाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आयोजन अवधि के दौरान पूरा मार्ग पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त रहना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सके।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
बिजली के तारों को सुरक्षित करने का निर्देश
रथयात्रा मार्ग के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां आवश्यकता हो वहां तारों को हटाया जाए अथवा सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, जिससे रथ संचालन के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
उन्होंने सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

प्लास्टिक मुक्त आयोजन की अपील
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि मंदिर परिसर एवं मेले के क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने में सभी सहयोग करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल आयोजन प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मौसीबाड़ी परिसर में बेहतर सुविधाओं पर जोर
मौसीबाड़ी परिसर का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने टेंट व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को समय से पूर्व उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि रथयात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए तथा सभी व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं।
सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा
वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी पुलिस वॉच टावर पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रहें तथा प्रत्येक वॉच टावर पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए समुचित पुलिस व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए।
डिवाइडर पर दुकान लगाने पर रोक
एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि रथयात्रा मार्ग के बीच स्थित सड़क डिवाइडर पर किसी भी प्रकार की दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और भीड़ नियंत्रण में कठिनाई उत्पन्न हो सकती है।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
समन्वित प्रयासों से सफल आयोजन का लक्ष्य
जिला प्रशासन ने कहा कि रथयात्रा एवं मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, बिजली तथा आपदा प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते अंतिम रूप दिया जाएगा।
प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों, मंदिर समिति और आम नागरिकों के सहयोग से इस वर्ष की जगन्नाथपुर रथयात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित, स्वच्छ एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा।













