Advertisement
झारखण्ड

डुमरी में उद्यमिता विकास कार्यक्रम, महिलाओं और युवाओं को मिला आत्मनिर्भर बनने का मार्गदर्शन

नूतन कच्छप

डुमरी-गिरिडीह:-डुमरी में आयोजित उद्यमिता प्रेरणा एवं विकास कार्यक्रम में महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, सरकारी योजनाओं तथा व्यवसायिक अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें सरकारी सहायता योजनाओं, कौशल विकास और उद्यम स्थापना की प्रक्रिया से जोड़ना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय वाणिज्य मंडल (ICCSWE) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबीर पाल रहे। उनके साथ राष्ट्रीय महासचिव हेमा एका, एमएसएमई के सहायक निदेशक एवं डीएफओ, धनबाद सुजीत कुमार, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव संजय पाहन, राष्ट्रीय एसटी हब, रांची की मुख्य प्रबंधक किरण मोरिया तिरु, सपना कुजुर, मृणालिनी कुमारी तथा झारखंड राज्य महासचिव रवींद्र कुमार महतो ने प्रतिभागियों को उद्यमिता से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, बैंक ऋण सुविधाओं और व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रियाओं की जानकारी दी।

वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाएं युवाओं एवं महिलाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला बनाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से कौशल विकास प्रशिक्षण, एमएसएमई योजनाओं और राष्ट्रीय एसटी हब जैसी पहल का लाभ उठाकर अपना स्वयं का उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि सुबीर पाल ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय उद्यमिता का है। उन्होंने कहा कि यदि युवा और महिलाएं सही मार्गदर्शन के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं, तो वे न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।

कार्यक्रम में झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो, केंद्रीय संरक्षक चेतलाल महतो, केंद्रीय उपाध्यक्ष सुभाष पंडित, भगतु रविदास उर्फ रवि कुमार, केंद्रीय सचिव जाफर अंसारी, केंद्रीय महासचिव मदन मोहली, केंद्रीय कोषाध्यक्ष नुनूचंद महतो, जिला सोशल मीडिया प्रभारी सौरभ विश्वकर्मा, प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने स्वरोजगार, बैंक ऋण, सरकारी अनुदान, कौशल प्रशिक्षण तथा व्यवसाय प्रारंभ करने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से प्रश्न पूछे, जिनका विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। साथ ही सफल उद्यमियों के अनुभव साझा कर प्रतिभागियों को आत्मविश्वास के साथ उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा बेरोजगार युवाओं को नए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन अधिक से अधिक लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और स्वरोजगार को जनआंदोलन बनाने के संकल्प के साथ हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
.site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}