दिव्यांग शिविर में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की गूंज, जागरूकता कार्यक्रम के साथ दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ
विशेष संवाददाता

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (छत्तीसगढ़): जिले के सिविल अस्पताल परिसर में आयोजित दिव्यांग शिविर के दौरान ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों, विशेष रूप से दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में उपस्थित दिव्यांगजन, उनके परिवार के सदस्य, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मियों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि परिवार और समाज की खुशहाली पर भी गंभीर प्रभाव डालती है।
इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशीले पदार्थों से दूर रहने, दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की सामूहिक शपथ ली।
अधिकारियों ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। विशेष रूप से युवाओं और कमजोर वर्गों को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए जागरूकता अभियान, जनसहभागिता और निरंतर संवाद अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों से अपील की गई कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा हो, तो उसे सामाजिक सहयोग, उचित परामर्श और उपचार के लिए प्रेरित करें। साथ ही सभी से अपने परिवार और समुदाय में नशामुक्ति का संदेश फैलाने का आह्वान किया गया।
दिव्यांग शिविर के साथ आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम सामाजिक उत्तरदायित्व और जनस्वास्थ्य के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा। प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत के संकल्प को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का विश्वास व्यक्त किया।













