सेवानिवृत्ति के महीनों बाद भी शुरू नहीं हुई शिक्षक प्रमोद कुमार झा की पेंशन, पोर्टल की तकनीकी गड़बड़ी बनी बाधा
पीएमयू पोर्टल की तकनीकी समस्या के कारण पेंशन प्रपत्रों की ऑनलाइन प्रविष्टि अटकी, सेवानिवृत्त शिक्षक ने अधिकारियों से जल्द समाधान की मांग की।

कुमारडूबी। रिपोर्ट-सरबजीत सिंह :सरकारी शिक्षा विभाग में सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन भुगतान में देरी का मामला सामने आया है। एगारकुंड मध्य विद्यालय से 31 जुलाई 2026 को सहायक शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए प्रमोद कुमार झा की पेंशन अब तक शुरू नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि पीएमयू पोर्टल पर तकनीकी समस्या के कारण पेंशन संबंधी दस्तावेजों की ऑनलाइन प्रविष्टि नहीं हो पा रही है, जिससे प्रक्रिया लंबित है।
मामले के अनुसार, जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय, धनबाद के माध्यम से प्रमोद कुमार झा के पेंशन संबंधी दस्तावेज महालेखाकार कार्यालय, झारखंड, रांची भेजे गए थे। लेकिन ऑनलाइन प्रविष्टि नहीं होने के कारण महालेखाकार कार्यालय से दस्तावेज वापस कर दिए गए। इसके बाद भी पेंशन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
उत्कृष्ट कार्यों के लिए हो चुके हैं सम्मानित
प्रमोद कुमार झा का शिक्षण कार्यकाल सराहनीय रहा है। उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर 31 जुलाई 2026 को एगारकुंड मध्य विद्यालय परिसर में विदाई सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। इसमें एगारकुंड प्रखंड और चिरकुंडा नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों, स्थानीय विधायक अरूप चटर्जी, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो तथा बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया था।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रमोद कुमार झा को 26 जनवरी 2022 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर तत्कालीन धनबाद उपायुक्त संदीप सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था। इसके अलावा विभिन्न पदाधिकारियों की ओर से भी उन्हें उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया जा चुका है।
तकनीकी समस्या दूर करने की मांग
प्रमोद कुमार झा के अनुसार, जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से संपर्क करने पर उन्हें बताया गया कि पीएमयू पोर्टल में तकनीकी समस्या के कारण पेंशन संबंधी प्रपत्रों की ऑनलाइन प्रविष्टि नहीं हो पा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और उच्चाधिकारियों को आवेदन देकर पोर्टल की समस्या जल्द दूर करने तथा पेंशन प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की है।
उनका कहना है कि पेंशन सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। लंबे समय तक भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पेंशन के साथ अन्य बकाया सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान भी जल्द सुनिश्चित करने की मांग की है।
अन्य शिक्षकों की पेंशन पर भी उठे सवाल
इस मामले ने पेंशन संबंधी दस्तावेजों की ऑनलाइन प्रविष्टि और लंबित मामलों के निपटारे को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बताया जा रहा है कि अन्य शिक्षकों की पेंशन फाइलें भी ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण लंबित हो सकती हैं। हालांकि, ऐसे मामलों की कुल संख्या की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
अब संबंधित विभाग से अपेक्षा की जा रही है कि तकनीकी समस्या का समाधान कर प्रमोद कुमार झा की पेंशन प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, ताकि उन्हें नियमानुसार पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ मिल सकें।













