
किस्को-लोहरदगा:अगर कला के साथ जुनून, मेहनत और साहस जुड़ जाए तो वही हुनर किसी की पहचान और रोज़गार दोनों बन जाता है। उत्तर प्रदेश के दो कलाकार मोहम्मद कासिफ और मोहम्मद आदिल इसकी मिसाल हैं। पिछले 15 वर्षों से दोनों देश के विभिन्न राज्यों और सैकड़ों शहरों-कस्बों में अपने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर लोगों को रोमांचित करते आ रहे हैं। उनके अनोखे प्रदर्शन को देखने के लिए हर जगह बड़ी संख्या में दर्शक जुटते हैं और उनकी कला की सराहना करते हैं।
मोहम्मद कासिफ उत्तर प्रदेश के भगवानपुर करौंदी के निवासी हैं, जबकि उनके साथी मोहम्मद आदिल सहारनपुर जिले के थाना नकुड़ क्षेत्र स्थित रहमानी चौक बासठ कोटा के रहने वाले हैं। दोनों वर्षों से साथ मिलकर देशभर में अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। कलाकारों ने बताया कि वे पिछले 13 वर्षों से झारखंड के सभी 24 जिलों में लगातार कार्यक्रम कर चुके हैं। उनका अगला प्रदर्शन लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड स्थित धुर्वा मोड़ मैदान में आयोजित होगा।
दोनों कलाकारों ने बताया कि झारखंड के अलावा वे बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात सहित कई राज्यों में अपने करतबों का प्रदर्शन कर चुके हैं। उनके प्रमुख प्रदर्शनों में दांतों से ट्रैक्टर खींचना, कांच तोड़ना, ब्लेड कटिंग, कई दिनों तक कब्र के भीतर रहना, एक सप्ताह तक लगातार साइकिल पर रहकर उसी पर सोना, सीने पर ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल चलवाना, सीने पर पत्थर तुड़वाना, आग की लपटों के बीच चलना, शरीर पर बल्ब फोड़ना, लाल-गर्म सरिया को जीभ से छूकर ठंडा करना तथा शरीर के विभिन्न हिस्सों पर रखी पकी ईंटों को तुड़वाना जैसे कई साहसिक और रोमांचकारी करतब शामिल हैं।
इन जोखिम भरे प्रदर्शनों को देखने के लिए हर कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ती है। दर्शक जहां कलाकारों के साहस को देखकर दंग रह जाते हैं, वहीं उनकी वर्षों की साधना और आत्मविश्वास की भी जमकर सराहना करते हैं।
मोहम्मद कासिफ और मोहम्मद आदिल का कहना है कि यही कला उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। वर्षों की कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। उनका सपना है कि उनकी कला को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सम्मान तथा मंच मिले, ताकि वे आने वाली पीढ़ी को भी अपनी प्रतिभा और संघर्ष की कहानी से प्रेरित कर सकें।
फिलहाल दोनों कलाकार लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड अंतर्गत नवाडीह बस्ती में रहकर अपने हैरतअंगेज करतबों के माध्यम से लोगों का मनोरंजन करने के साथ-साथ अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनकी संघर्ष और समर्पण की कहानी यह संदेश देती है कि सच्ची लगन, मेहनत और हुनर के दम पर कठिन परिस्थितियों में भी सम्मानपूर्वक जीवनयापन संभव है।












