
राँची, झारखंड: राँची के उपायुक्त ने शुक्रवार को नगड़ी प्रखंड अंतर्गत कुलगु पिस्का स्थित विहार समाज कल्याण संस्थान (ओल्ड एज होम) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम में रह रहे बुजुर्गों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उनके जीवन से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त अपने साथ बुजुर्गों के लिए फल एवं मिठाइयाँ लेकर पहुंचे। उन्होंने स्वयं बुजुर्गों को मिठाई खिलाई और उनसे आत्मीय संवाद किया। प्रशासन के इस संवेदनशील व्यवहार से आश्रम में रह रहे बुजुर्गों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई बुजुर्गों ने प्रशासन द्वारा दिखाई गई इस मानवीय पहल की सराहना की और इसे अपने लिए सम्मान एवं अपनत्व का प्रतीक बताया।
निरीक्षण के उपरांत संस्थान के सभागार में सेविकाओं, सहायिकाओं तथा ग्रामीण महिलाओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में शत-प्रतिशत मैपिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जनगणना से संबंधित कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर शीघ्र पूर्ण करने पर बल दिया। उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित विभागों एवं कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर राज्य एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान उन्होंने सेविकाओं और सहायिकाओं से क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा लाभार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
निरीक्षण के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि संस्थान परिसर में अटल क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों एवं आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। इसके अतिरिक्त यहां वन स्टॉप सेंटर का निर्माण भी पूरा हो चुका है।
अधिकारियों के अनुसार यह केंद्र बुजुर्गों, महिलाओं और किशोरियों के लिए एक समेकित सेवा केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहां स्वास्थ्य, सुरक्षा, परामर्श, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी विभिन्न सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे जरूरतमंद लोगों को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं प्राप्त हो सकेंगी।
उपायुक्त ने संस्थान में उपलब्ध व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए उसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में बुजुर्गों का सम्मान और उनकी सेवा भारतीय संस्कृति की मूल भावना रही है। बुजुर्गों के अनुभव और मार्गदर्शन समाज की अमूल्य धरोहर हैं, इसलिए उनके जीवन को सम्मानजनक और सुखद बनाना हम सभी का दायित्व है।
उन्होंने आश्रम में कार्यरत सभी सेविकाओं एवं सहायिकाओं को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराया जाए जिससे उन्हें परिवार जैसा अपनापन और सुरक्षा का एहसास हो।
उपायुक्त ने संस्थान प्रबंधन से भी बुजुर्गों की नियमित स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता, पौष्टिक भोजन और मनोरंजन संबंधी गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने चाहिए।
इस अवसर पर स्थापना उप समाहर्ता राँची बिवेक सुमन, अंचल अधिकारी नगड़ी, प्रखंड विकास पदाधिकारी नगड़ी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) नगड़ी, थाना प्रभारी नगड़ी, संस्थान की प्रबंधन समिति के सदस्य तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने संस्थान की विभिन्न गतिविधियों और व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा भविष्य में बुजुर्गों, महिलाओं एवं किशोरियों के कल्याण के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रशासन की इस पहल को स्थानीय लोगों ने सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम बताते हुए इसकी सराहना की।













