निरसा में किसानों के समर्थन में BJP का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
सरबजीत सिंह

निरसा-धनबाद : भारतीय जनता पार्टी निरसा मंडल की ओर से किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, राज्य सरकार की नीतियों एवं कृषि व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी, निरसा के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर किसान विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और वे लगातार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
भाजपा मंडल अध्यक्ष रतन तिवारी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों की फसलें लगातार नुकसान झेल रही हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि चुनाव से पूर्व हेमंत सरकार द्वारा किसानों से कई बड़े वादे किए गए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन वादों को पूरा नहीं किया गया।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य समय पर नहीं मिल रहा है तथा भुगतान प्रक्रिया अत्यंत धीमी है। कई किसान अब तक धान बिक्री की बकाया राशि के इंतजार में हैं। साथ ही किसानों को समय पर खाद, बीज और कृषि उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे खेती प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में किसानों से संबंधित 12 सूत्री मांगें रखी गईं। भाजपा ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने, धान खरीद की बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करने तथा बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
इसके अलावा किसानों को समय पर खाद, बीज एवं कृषि उपकरण उपलब्ध कराने, पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना को पुनः लागू करने तथा किसानों के दो लाख रुपये तक के कृषि ऋण माफ करने की मांग भी की गई। भाजपा नेताओं ने खेती के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और गैस सिलेंडर 450 रुपये में उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।
ज्ञापन में कहा गया कि राज्य में कोल्ड स्टोरेज एवं कृषि प्रसंस्करण उद्योगों की भारी कमी है, जिसके कारण किसानों को अपनी उपज का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। भाजपा ने सरकार से कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों के प्रति जागरूक करने की मांग की।
भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार एवं प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने किसानों के समर्थन में नारेबाजी की तथा राज्य सरकार से किसानों के हित में तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। भाजपा नेताओं ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत किए बिना राज्य और देश का समग्र विकास संभव नहीं है।
ज्ञापन के अंत में राज्यपाल से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का आग्रह किया गया, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान हो सके।












