एक साल में दूसरी बार टूटी कोचा–कसियाडीह मुख्य सड़क, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण गुणवत्ता और प्रशासन पर सवाल
नूतन कच्छप

किस्को/लोहरदगा: लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड की ग्राम पंचायत खरकी स्थित कोचा–कसियाडीह मुख्य सड़क लगातार दूसरे वर्ष बारिश में ध्वस्त हो गई है। पिछले वर्ष भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुई इस सड़क को ग्रामीणों ने प्रशासन से सहायता नहीं मिलने पर श्रमदान कर अस्थायी रूप से आवागमन योग्य बनाया था। लेकिन इस वर्ष हल्की बारिश में ही सड़क फिर से टूट जाने से ग्रामीणों में आक्रोश और निराशा का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले वर्ष सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह जाने से कोचा, बरनाग, उपर कोचा और कसियाडीह सहित आसपास के कई गांवों का संपर्क बाधित हो गया था। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को लंबे समय तक भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

ग्रामीणों का कहना है कि उस समय उन्होंने कई बार प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सड़क के स्थायी निर्माण की मांग की थी। हालांकि कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर चारों गांवों के लोगों ने स्वयं श्रमदान कर सड़क की मरम्मत की और आवागमन बहाल किया। लोगों को उम्मीद थी कि बाद में संबंधित विभाग स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अब इस वर्ष अपेक्षाकृत कम बारिश में ही सड़क दोबारा ध्वस्त हो जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मजबूत सड़क, पुलिया और कटाव रोकने के लिए सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया होता, तो बार-बार ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द स्थल का निरीक्षण कर स्थायी पुलिया, सुरक्षा दीवार और गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान सड़क टूटने से हजारों ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित होता है और अब इस समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक हो गया है।
क्षेत्रवासियों की निगाहें अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। लगातार दूसरे वर्ष सड़क ध्वस्त होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस बार इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए कितनी शीघ्र और प्रभावी पहल की जाती है।












