
रांची। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी 30 जून को साहेबगंज जिले के ऐतिहासिक अमर शहीद स्थल भोगनाडीह में हूल दिवस का भव्य आयोजन करेगी। कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने और आयोजन को सफल बनाने के उद्देश्य से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू ने 9 सदस्यीय आयोजन समिति का गठन किया है। समिति को आयोजन की समस्त व्यवस्थाओं, समन्वय और कार्यक्रम के सफल संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रदेश अध्यक्ष द्वारा गठित समिति में पूर्व विधायक लोबिन हेम्ब्रम, पूर्व सांसद सुनील सोरेन, अमर शहीद परिवार के वंशज मंडल मुर्मू, पूर्व प्रदेश मंत्री दुर्गा मरांडी, वरिष्ठ नेता गणेश तिवारी, साहेबगंज जिला अध्यक्ष गौतम यादव, पाकुड़ जिला अध्यक्ष सरिता मुर्मू, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री अनिता सोरेन तथा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की प्रदेश मंत्री अनिता मुर्मू को शामिल किया गया है।
हूल दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर दिया जोर
भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि 30 जून झारखंड के इतिहास में गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक दिवस है। उन्होंने बताया कि 1855 में इसी दिन महानायक सिदो-कान्हो के नेतृत्व में संताल परगना की धरती से अंग्रेजी शासन के खिलाफ हूल क्रांति का शंखनाद हुआ था। यह आंदोलन केवल एक विद्रोह नहीं था, बल्कि शोषण, अन्याय और दमन के विरुद्ध आदिवासी समाज के आत्मसम्मान और स्वतंत्रता की ऐतिहासिक लड़ाई थी।

उन्होंने कहा कि इस जनआंदोलन में चांद-भैरव और फूलो-झानो सहित अनेक जनजातीय वीरों ने अद्वितीय साहस और बलिदान का परिचय दिया। उनके संघर्ष ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की और देश के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी।
जनजातीय वीरों को श्रद्धांजलि देगी भाजपा
अमर कुमार बाउरी ने कहा कि 30 जून 1855 को प्रारंभ हुई हूल क्रांति को भारत के प्रारंभिक स्वतंत्रता संग्रामों में एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। भारतीय जनता पार्टी ऐसे सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का सम्मान करती है तथा समय-समय पर उनके योगदान को स्मरण करती रही है।
उन्होंने कहा कि भोगनाडीह में आयोजित होने वाला हूल दिवस समारोह जनजातीय महानायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, बलिदान और स्वतंत्रता आंदोलन में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका से परिचित कराने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास होगा।
भाजपा नेताओं के अनुसार, इस अवसर पर प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा जनजातीय समाज के लोग कार्यक्रम में शामिल होंगे। आयोजन को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां तेज़ी से की जा रही हैं।













