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झारखण्ड

झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर डिजिटल क्रिएटर्स को मिला प्रशिक्षण

संपादकीय

CEO बोले- एक भी पात्र मतदाता का नाम नहीं कटेगा

रांची। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय में शनिवार को ‘स्टेट लेवल क्रिएटर्स मीट-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यभर के डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से भाग लिया। इस अवसर पर चयनित 70 डिजिटल क्रिएटर्स को विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया तथा सहभागिता प्रमाण-पत्र (Participation Certificate) भी प्रदान किए गए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया मतदाताओं तक सही, त्वरित और तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रिएटर्स के कंटेंट पर लाखों लोग भरोसा करते हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी है कि वे केवल प्रमाणिक और सत्यापित जानकारी ही साझा करें तथा मतदाता जागरूकता अभियान को मजबूती प्रदान करें।

30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा घर-घर सत्यापन अभियान

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) राज्यभर में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान प्रत्येक मतदाता को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म की दो प्रतियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने बताया कि मतदाताओं को एक प्रति आवश्यक जानकारी भरकर बीएलओ को जमा करनी होगी, जबकि दूसरी प्रति पावती के रूप में अपने पास सुरक्षित रखनी होगी। निर्धारित अवधि के भीतर फॉर्म जमा करने वाले मतदाताओं का नाम 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

अधिकांश मतदाताओं को अतिरिक्त दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं

के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करते समय अधिकांश मतदाताओं को किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। जिन मतदाताओं का विवरण पहले से मतदाता सूची में सफलतापूर्वक मैप हो चुका है, उनका सत्यापन नियमित प्रक्रिया के तहत पूरा कर लिया जाएगा।

हालांकि जिन मामलों में मतदाता का रिकॉर्ड मैप नहीं हो पाएगा, उन्हें निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पर उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

“एक भी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटेगा”

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संविधान के अनुच्छेद-326 का उल्लेख करते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। इस प्रक्रिया में प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

डिजिटल क्रिएटर्स से जागरूकता अभियान में सहयोग की अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी डिजिटल क्रिएटर्स से अपील की कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से संबंधित सही जानकारी, जागरूकता वीडियो और तथ्य आधारित सामग्री अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांतियों को दूर किया जा सके।

उन्होंने बताया कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जागरूकता सामग्री का उपयोग कर क्रिएटर्स मतदाता जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, स्टेट ट्रेनिंग नोडल ऑफिसर देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, संजय कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित निर्वाचन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसके अलावा राज्य के विभिन्न जिलों से आए डिजिटल क्रिएटर्स भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय सहभागिता निभाई।

निर्वाचन विभाग का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान को नई गति मिलेगी और आगामी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।

 

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