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पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल को मिली विकास की नई रफ्तार

संपादकीय

तारकेश्वर से ‘विकसित बांग्ला’ अभियान को मिला बल, रेलवे, कृषि, ग्रामीण सड़क और मत्स्य क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात

कोलकाता: पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के लिए लगभग ₹820 करोड़ की बहु-क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेलवे, कृषि, ग्रामीण संपर्क, मत्स्य पालन तथा पशुपालन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ कर राज्य के समग्र विकास को नई गति प्रदान करना है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देशभर के 9.44 करोड़ किसानों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि जारी करते हुए पीएम-किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त भी वितरित की। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि, विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

‘विकसित बांग्ला’ की दिशा में बड़ा कदम

समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के विकास के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़ी नई परियोजनाएं राज्य को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है।

रेलवे क्षेत्र में ₹590 करोड़ से अधिक का निवेश

विकास पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा रेलवे अवसंरचना के आधुनिकीकरण और विस्तार से जुड़ा है। लगभग ₹590 करोड़ की परियोजनाओं के माध्यम से राज्य की रेल कनेक्टिविटी, परिचालन क्षमता और यात्री सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।

हावड़ा में आधुनिक मंडल रेलवे अस्पताल

प्रधानमंत्री ने हावड़ा में लगभग ₹99 करोड़ की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक 300 बिस्तरों वाले मंडल रेलवे अस्पताल की आधारशिला रखी। यह अस्पताल रेलवे कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं से लैस यह अस्पताल क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करेगा।

सांकराइल-संत्रागाछी रेल लिंक राष्ट्र को समर्पित

करीब ₹421 करोड़ की लागत से निर्मित सांकराइल-संत्रागाछी रेल लिंक लाइन को प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को समर्पित किया। यह परियोजना रेल परिचालन में आने वाली बाधाओं को कम करेगी तथा माल और यात्री ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाएगी। इसके माध्यम से क्षेत्र की रेल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

 

पूर्व मेदिनीपुर में रोड ओवर ब्रिज का शिलान्यास

प्रधानमंत्री ने हाउर-राधामोहनपुर मार्ग पर लगभग ₹71 करोड़ की लागत से बनने वाले रोड ओवर ब्रिज (ROB) की आधारशिला भी रखी। यह पुल एक व्यस्त रेलवे फाटक का विकल्प बनेगा, जिससे यातायात जाम की समस्या कम होगी और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

ग्रामीण संपर्क को मिलेगा नया आयाम

रेलवे परियोजनाओं के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में 315 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों का उद्घाटन किया गया।

लगभग ₹213 करोड़ की लागत से विकसित इन सड़कों से ग्रामीण क्षेत्रों को बाजारों, स्वास्थ्य सेवाओं और शैक्षणिक संस्थानों से बेहतर संपर्क मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कृषि क्षेत्र में तकनीक आधारित पहल

किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों से निपटने में सहायता देने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से कई नई योजनाओं की शुरुआत की गई।

इनमें शामिल हैं:

  • डिजिटल कृषि मिशन
  • राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन
  • प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
  • पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना

इन पहलों के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक, मौसम आधारित जानकारी और जोखिम प्रबंधन के बेहतर साधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

मत्स्य और पशुपालन क्षेत्र को भी मिला बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने मत्स्य और पशुपालन क्षेत्र के विकास के लिए भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

फ्रेजरगंज में विस्तारित फिशिंग हार्बर का उद्घाटन किया गया, जिससे समुद्री मत्स्य उद्योग को नई ताकत मिलेगी। वहीं, साईंथिया में आधुनिक मछली बाजार की शुरुआत की गई, जिससे मछुआरों को बेहतर विपणन सुविधाएं मिलेंगी।

इसके अलावा, हरीणघाटा में पूर्वी भारत की पहली अत्याधुनिक बकरी वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला (Goat Semen Production Laboratory) का भी शुभारंभ किया गया। यह परियोजना पशुधन की गुणवत्ता सुधारने और पशुपालकों की आय बढ़ाने में सहायक होगी।

विकसित भारत की यात्रा में पश्चिम बंगाल की अहम भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि परिवहन, कृषि, ग्रामीण अवसंरचना, मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्रों में किए जा रहे ये निवेश पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे। बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक सुविधाएं और तकनीक आधारित कृषि मॉडल राज्य को भविष्य के विकास के लिए तैयार करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम बंगाल के विकास के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं से राज्य में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा पश्चिम बंगाल देश की विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

राज्य में शुरू की गई ये परियोजनाएं न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेंगी, बल्कि आने वाले वर्षों में पश्चिम बंगाल को एक मजबूत आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होंगी।

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