
रांची: आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से रांची जिला प्रशासन द्वारा जिलास्तरीय शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न अखाड़ा समितियों, मोहर्रम कमेटियों, महावीर मंडल तथा शांति समिति के सदस्यों ने भाग लिया और पर्व के सफल आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की।
बैठक की अध्यक्षता जिला प्रशासन की ओर से की गई, जिसमें वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक (नगर) पारस राणा, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) गौरव गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक (यातायात) राकेश सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) धनंजय, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण, जिला नजारत उपसमाहर्ता सुदेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा सेन्ट्रल मोहर्रम कमिटी, विभिन्न अखाड़ा समितियों, महावीर मंडल तथा शांति समिति के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में सक्रिय भागीदारी निभाई।
पर्व की तैयारियों पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक की शुरुआत में विभिन्न अखाड़ा समितियों एवं मोहर्रम कमेटियों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं, सुझावों और मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। प्रतिनिधियों ने जुलूस मार्गों की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, एम्बुलेंस, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, लाइसेंस निर्गत करने तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।
सभी प्रतिनिधियों ने यह विश्वास दिलाया कि मोहर्रम पर्व को आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और धार्मिक सौहार्द के वातावरण में मनाया जाएगा।
बैठक में मोहम्मद इस्लाम, अकीलुर्रहमान, अजीत सहाय, परमजीत सिंह, जयसिंह यादव, सागर कुमार समेत कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
प्रशासन ने दिया बेहतर व्यवस्था का भरोसा
बैठक को संबोधित करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि शांति समिति और अखाड़ा समितियों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा पर्व के दौरान सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेगा ताकि मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
उन्होंने कहा कि मोहर्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, त्याग और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। सभी समुदायों से सहयोग की अपील करते हुए प्रशासन ने कहा कि किसी भी छोटी घटना या विवाद को अनावश्यक रूप से बड़ा न बनने दें तथा अफवाहों से पूरी तरह बचें।
सोशल मीडिया पर रहेगी विशेष नजर
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शांति समिति के सदस्यों और आम नागरिकों से अपील की गई कि यदि किसी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन और पुलिस को दें ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य
बैठक में सभी अखाड़ा समितियों और मोहर्रम कमेटियों से माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करने का आग्रह किया गया।
प्रशासन ने विशेष रूप से कहा कि झंडों की निर्धारित ऊंचाई का पालन किया जाए तथा स्वीकृत जुलूस मार्गों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन या डायवर्जन न किया जाए। सभी समितियां स्थानीय थाना प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित मार्गों से ही जुलूस निकालें।

असामाजिक तत्वों पर रहेगी कड़ी नजर
वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मोहर्रम के दौरान शांति भंग करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।
उन्होंने सभी अखाड़ा समितियों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की जानकारी तुरंत अपने खलीफा, थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी अथवा वरीय पुलिस अधिकारियों को दें।
उन्होंने कहा कि सभी जुलूस निर्धारित समय पर प्रारंभ हों और निर्धारित समय पर ही अपने गंतव्य तक पहुंचकर संपन्न हों, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
ड्रोन कैमरों से होगी निगरानी
एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि मोहर्रम के अवसर पर संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।
जुलूस मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा धार्मिक स्थलों के आसपास भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
भाईचारे और समन्वय के साथ पर्व मनाने की अपील
बैठक के अंत में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सभी अखाड़ा समितियों, मोहर्रम कमेटियों, शांति समिति के सदस्यों तथा आम नागरिकों से आपसी सहयोग, समन्वय और भाईचारे की भावना के साथ मोहर्रम पर्व मनाने की अपील की।
प्रशासन ने कहा कि रांची की पहचान हमेशा से सामाजिक सद्भाव और सांप्रदायिक एकता की रही है। सभी नागरिकों के सहयोग से इस वर्ष भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाएगा।













