
आसनसोल-सांक्टोरिया : ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने अपनी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। ईसीएल के सांक्टोरिया अस्पताल में पहली बार निवोलुमैब-आधारित इम्यूनोथेरेपी का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है, जिससे अस्पताल की कैंसर उपचार सेवाओं को नई मजबूती मिली है और क्षेत्र के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यह उपचार इस वर्ष शुरू की गई इम्यूनोथेरेपी सेवाओं के अंतर्गत किया गया दूसरा सफल उपचार है। वहीं, सांक्टोरिया अस्पताल में पहली बार निवोलुमैब दवा का प्रयोग किया गया है। निवोलुमैब आधुनिक इम्यूनोथेरेपी की एक अत्याधुनिक दवा है, जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के जटिल और उन्नत चरण के कैंसरों के उपचार में किया जाता है।
गंभीर अवस्था के कैंसर मरीज को मिला नया जीवन
जानकारी के अनुसार, जिस मरीज का उपचार किया गया, वह पेट के मेटास्टेटिक कार्सिनोमा अर्थात शरीर के अन्य हिस्सों में फैल चुके कैंसर से पीड़ित था। कई चरणों के उपचार के बावजूद बीमारी लगातार बढ़ रही थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने पांचवें चरण के उपचार के रूप में कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी के संयुक्त प्रयोग का निर्णय लिया।
उपचार के दौरान नैनो एल्ब्यूमिन-बाउंड पैक्लिटैक्सेल और निवोलुमैब दवाओं का संयोजन इस्तेमाल किया गया। उपचार का पहला चरण एक रेफरल अस्पताल में पूरा किया गया, जबकि दूसरा चरण सांक्टोरिया अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ निगरानी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
ऑन्कोलॉजी सेवाओं में बढ़ी विशेषज्ञता
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि सांक्टोरिया अस्पताल में जटिल एवं विशेष कैंसर उपचार प्रदान करने की क्षमता और विशेषज्ञता को दर्शाती है। अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक सुविधाएं और प्रशिक्षित विशेषज्ञ अब कैंसर मरीजों को उन्नत स्तर की चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हो रहे हैं।
अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि इम्यूनोथेरेपी वर्तमान समय में कैंसर उपचार की सबसे प्रभावी और आधुनिक पद्धतियों में से एक मानी जाती है। यह उपचार मरीज की प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में मदद करता है और विशेष रूप से उन मरीजों के लिए उपयोगी साबित होता है जिनका कैंसर उन्नत अवस्था में पहुंच चुका हो या जिनके लिए पारंपरिक उपचार सीमित प्रभावी रह गए हों।
पूर्वी भारत में उभर रहा है विशेष कैंसर उपचार केंद्र
सांक्टोरिया अस्पताल में निवोलुमैब के सफल उपयोग को क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल ईसीएल की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि होगी, बल्कि पूर्वी भारत के कैंसर मरीजों को भी महानगरों पर निर्भर हुए बिना अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
यह उपलब्धि सांक्टोरिया अस्पताल को पूर्वी भारत में एक उभरते हुए विशेष कैंसर उपचार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। अस्पताल लगातार अपनी ऑन्कोलॉजी सेवाओं का विस्तार कर रहा है ताकि मरीजों को आधुनिक और प्रभावी उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराया जा सके।
मरीजों को मिलेगा अत्याधुनिक उपचार का लाभ
ईसीएल प्रबंधन ने कहा कि अस्पताल में उन्नत इम्यूनोथेरेपी सेवाओं को शामिल किए जाने से कैंसर मरीजों के लिए उपचार के नए विकल्प उपलब्ध हुए हैं। इससे गंभीर और जटिल कैंसर से जूझ रहे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, आधुनिक दवाएं और विशेषज्ञ परामर्श एक ही स्थान पर मिल सकेगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इम्यूनोथेरेपी जैसी आधुनिक तकनीकों का विस्तार भविष्य में कैंसर उपचार के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। सांक्टोरिया अस्पताल की यह सफलता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
ईसीएल द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर उन्नयन और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को अपनाने की पहल क्षेत्र के हजारों मरीजों के लिए आशा की नई किरण बनकर उभरी है।













