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झारखण्ड

रांची जनता दरबार में दिव्यांग युवक को मिली इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल

संपादकीय

राँची : उपायुक्त राँची द्वारा आयोजित जनता दरबार एक बार फिर संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन की मिसाल बनकर सामने आया। जनता दरबार में पहुंचे विभिन्न आवेदकों की समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनता दरबार में सबसे भावुक क्षण उस समय देखने को मिला जब बिरसा चौक निवासी दिव्यांग पंकज कुमार को राज्य सरकार की ओर से इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। अपनी मां के साथ जनता दरबार पहुंचे पंकज कुमार को उम्मीद नहीं थी कि उनकी समस्या का समाधान इतनी जल्दी हो जाएगा।

इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल मिलने के बाद पंकज कुमार और उनके परिजनों ने राज्य सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। ट्राईसाइकिल प्रदान करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने पंकज कुमार से पूछा कि उन्हें जनता दरबार में इस सुविधा की जानकारी कैसे मिली। इस पर पंकज ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जाना था कि जिला प्रशासन द्वारा पात्र दिव्यांगजनों को जनता दरबार में सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

जनता दरबार में सोनाहातू अंचल निवासी प्रकाश कुमार महतो ने अपनी जमीन से जुड़ी समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि नीमडीह मौजा स्थित उनकी भूमि के पंजी-2 में अब तक सुधार नहीं किया गया है, जबकि वे लंबे समय से संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं।

मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने सोनाहातू अंचल अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई तथा निर्देश दिया कि मामले का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध प्रपत्र-क गठित करने की कार्रवाई की जाएगी।

इसी क्रम में शहर अंचल निवासी हरि प्रसाद चक्रवर्ती ने सक्सेशन म्यूटेशन से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने शिकायत की कि एलआरडीसी के आदेश के बावजूद अब तक उनका म्यूटेशन नहीं किया गया है।

मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने शहर अंचल अधिकारी से दूरभाष पर संपर्क किया और निर्देश दिया कि एलआरडीसी के आदेश का अवलोकन कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जनता दरबार में बेड़ो निवासी तेतरु उरांव ने अधिग्रहित भूमि के बदले अब तक मुआवजा राशि नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर प्रशासन ने भू-अर्जन कार्यालय से मामले की अद्यतन स्थिति की जानकारी मांगी। संबंधित कर्मी ने उपस्थित होकर बताया कि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया जारी है।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया में तेजी लाने तथा जल्द भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनता दरबार में कई लोगों ने भू-माफियाओं द्वारा जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत भी दर्ज कराई। आवेदकों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों और दबाव के माध्यम से जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।

इन मामलों को गंभीर मानते हुए उपायुक्त ने राजस्व कार्यालय एवं सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को त्वरित जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

वहीं बेड़ो निवासी रुपन उरांव ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान संबंधित सेविका द्वारा गलत रिपोर्टिंग की गई, जिसके कारण उन्हें योजना का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है।

मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित बीडीओ को जांच के निर्देश दिए गए। साथ ही सामाजिक सुरक्षा निदेशक को भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया।

जनता दरबार के दौरान मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार और आय बढ़ाने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने सभी पंचायतों के मुखियाओं से कहा कि वे योजना से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए प्रेरित करें।

इसके अलावा जनता दरबार में प्राप्त अन्य आवेदनों पर भी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना और लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर से राहत दिलाना है।

रांची जिला प्रशासन की इस पहल को आम लोगों ने सराहा है। लोगों का कहना है कि जनता दरबार के माध्यम से सीधे प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर मिल रहा है और समस्याओं के समाधान में तेजी भी देखने को मिल रही है।

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