रांची में विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा
संपादकीय

रांची: उपायुक्त रांची की अध्यक्षता में आईटीडीए, कल्याण विभाग एवं जिला परिषद द्वारा संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त संजय भगत, आईटीडीए की निदेशक मनीषा तिर्की, जिला अभियंता जिला परिषद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। इसके साथ ही पीएम-आभिम (PM-ABHIM), ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरी समेत अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन और वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने सभी कार्यकारी एजेंसियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप लंबित योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी विभागों एवं एजेंसियों को निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य कराने तथा भुगतान से पूर्व योजनाओं का समुचित सत्यापन और जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिला कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए उपलब्ध अवशेष राशि का शीघ्र और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र विद्यार्थियों को समय पर लाभ मिल सके।

साइकिल वितरण योजना की प्रखंडवार समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने वितरण प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। वहीं जिले में स्वीकृत एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की प्रगति की भी समीक्षा की गई और निर्माण कार्यों को गति देने पर बल दिया गया।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गंभीर एवं जरूरतमंद मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बैठक में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना एवं मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इसके अतिरिक्त पीवीटीजी ग्राम उत्थान योजना, धुमकुड़िया भवन निर्माण योजना, अल्पसंख्यक कब्रिस्तान घेराबंदी, सरना, मसना एवं हड़गड़ी स्थलों की घेराबंदी, कल्याण विभागीय आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की मरम्मत और जीर्णोद्धार, विशेष केंद्रीय सहायता योजनाओं सहित अन्य विकास एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के समापन पर उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के माध्यम से आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।














