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झारखण्ड

पद्म भूषण से सम्मानित हुए दिशोम गुरु शिबू सोरेन

संपादकीय

नई दिल्ली-रांची। झारखंड आंदोलन के प्रणेता और आदिवासी अधिकारों के प्रखर नेता दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरा संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन, सामाजिक न्याय और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए जीवनभर चले संघर्ष को मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा यह सम्मान प्रदान किया जाना शिबू सोरेन के त्याग, समर्पण, जनसेवा और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है। उन्होंने बताया कि दिशोम गुरुजी की संघर्ष यात्रा की सहभागी उनकी धर्मपत्नी ने राष्ट्रपति भवन में यह सम्मान ग्रहण किया।

हेमंत सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरुजी एक विराट व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने पूरे जीवन को वंचितों, शोषितों, आदिवासियों और मेहनतकश समाज के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन से लेकर देशभर में आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की आवाज बुलंद करने तक उनका योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिबू सोरेन केवल राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि सामाजिक चेतना के वाहक और जनआंदोलन के प्रतीक थे। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण चलाया, शिक्षा के महत्व को बढ़ावा दिया और आदिवासी समाज को संगठित करने में अग्रणी भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि किसी भी सम्मान का महत्व उसके पीछे की भावना में निहित होता है। किसी ने दिशोम गुरुजी को महाजनी प्रथा के खिलाफ लड़ने वाला योद्धा कहा, तो किसी ने उन्हें आदिवासियों और गरीबों के अधिकारों का प्रहरी बताया। लेकिन करोड़ों लोगों के लिए वे ऐसे जननायक थे, जिन्होंने सत्ता से अधिक लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पद्म भूषण सम्मान के माध्यम से देश ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के महान योगदान को नमन किया है। उन्होंने कहा कि झारखंड सहित पूरे देश के करोड़ों लोगों के हृदय में दिशोम गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च रहेगा।

अपने भावुक संदेश में हेमंत सोरेन ने कहा, “हमारे लिए दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी भारत के रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे। उनका संघर्ष, उनके आदर्श और सामाजिक न्याय की उनकी विचारधारा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”

पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने के साथ ही दिशोम गुरु शिबू सोरेन का नाम भारतीय लोकतंत्र, जनआंदोलनों और सामाजिक न्याय के इतिहास में और अधिक गौरव के साथ दर्ज हो गया है।

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