Advertisement
उत्तर प्रदेश

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनाया अत्याधुनिक एसेट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म

संपादकीय

जेवर (उत्तर प्रदेश): दुनिया की महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं और रणनीतिक परिसंपत्तियों के लिए सॉफ्टवेयर समाधान प्रदान करने वाली अग्रणी वैश्विक कंपनी Octave Intelligence plc (NASDAQ: OCTV) ने घोषणा की है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) ने अपने एंटरप्राइज एसेट मैनेजमेंट (EAM) प्लेटफॉर्म के रूप में Octave Attune EAM (पूर्व में HxGN EAM) को अपनाया है। यह प्लेटफॉर्म एयरपोर्ट की दीर्घकालिक परिचालन तैयारी को मजबूत करने के साथ-साथ यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 28 मार्च को अपने पहले चरण का संचालन शुरू किया था। भविष्य में यह हवाई अड्डा एशिया के सबसे बड़े एविएशन हब में शामिल होने की क्षमता रखता है। प्रारंभिक चरण में इसकी यात्री क्षमता 1.2 करोड़ वार्षिक यात्रियों की है, जिसे वर्ष 2050 तक बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने की योजना है।

भारत के बढ़ते विमानन क्षेत्र को मिलेगा बल

पिछले एक दशक में भारत के विमानन क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। वर्ष 2014 में देश में 74 परिचालित हवाई अड्डे थे, जो 2025 तक बढ़कर 163 हो चुके हैं। केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 तक देश में 350 से 400 हवाई अड्डों के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया है।

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ती हवाई यातायात मांग को देखते हुए जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना दिल्ली क्षेत्र के मौजूदा हवाई अड्डों पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी सहायक होगी।

शुरुआत से ही डेटा-आधारित प्रबंधन प्रणाली

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने निर्माण चरण के दौरान ही Attune EAM प्लेटफॉर्म को अपनाने का निर्णय लिया था, ताकि संचालन शुरू होने से पहले ही एकीकृत और डेटा-आधारित एसेट इंटेलिजेंस सिस्टम विकसित किया जा सके।

वर्तमान में यह प्लेटफॉर्म रनवे, टैक्सीवे, एयरफील्ड लाइटिंग, टर्मिनल सुविधाएं, बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, एचवीएसी यूनिट्स, ई-गेट्स तथा एयरपोर्ट वाहन बेड़े सहित सभी महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों का एक समग्र और संरचित डिजिटल रजिस्टर तैयार कर रहा है।

इस केंद्रीकृत प्रणाली के माध्यम से एयरपोर्ट प्रबंधन को निवारक रखरखाव (Preventive Maintenance), परिसंपत्ति जीवनचक्र प्रबंधन और नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

भविष्य में कई प्रणालियों से होगा एकीकरण

प्रारंभिक चरण में Attune EAM को स्वतंत्र प्लेटफॉर्म के रूप में लागू किया गया है, लेकिन आने वाले समय में इसे ERP (Enterprise Resource Planning), GIS (Geographic Information System), BMS (Building Management System) और BIM (Building Information Modeling) जैसी प्रणालियों से जोड़ा जाएगा।

इन तकनीकी एकीकरणों से वास्तविक समय के आंकड़े, ऐतिहासिक डेटा और परिचालन प्रक्रियाओं को एक मंच पर लाया जा सकेगा। इससे एयरपोर्ट प्रबंधन को बेहतर और त्वरित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी तथा परिसंपत्तियों के पूरे जीवनचक्र का प्रभावी प्रबंधन संभव होगा।

सतत विकास और ऊर्जा प्रबंधन पर भी जोर

Attune EAM में ऊर्जा प्रबंधन की उन्नत सुविधाएं भी शामिल हैं। इसके माध्यम से एयरपोर्ट जल, वायु, गैस और विद्युत की खपत की निगरानी कर सकेगा। इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपने पर्यावरणीय और सतत विकास (Sustainability) लक्ष्यों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर पाएगा।

आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगा भारत का नया एविएशन हब

विशेषज्ञों का मानना है कि एसेट मैनेजमेंट और डिजिटल इंटेलिजेंस आधारित यह मॉडल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय परिचालन मानकों तक पहुंचाने में मदद करेगा। अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर रखरखाव व्यवस्था और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली के कारण यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में इस तकनीकी पहल को भारत के तेजी से विकसित हो रहे विमानन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में देश के अन्य हवाई अड्डों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
.site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}