झारखंड विधानसभा विशेष समिति ने धनबाद में की बड़ी समीक्षा
सरबजीत सिंह

धनबाद-बोकारो: झारखंड विधानसभा की प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण विशेष समिति ने अपने तीन दिवसीय धनबाद दौरे के अंतिम दिन विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों और विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति एवं टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने की। बैठक में समिति के सदस्य विधायक चंद्रदेव महतो, अरूप चटर्जी, उमाकांत रजक, सुदीप गुड़िया तथा राज सिन्हा भी उपस्थित रहे।
बैठक में हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL), दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC), टाटा कोलियरी, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) सहित विभिन्न विभागों और उपक्रमों के कार्यों की समीक्षा की गई।
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Toggleदामोदर नदी किनारे ओबी डंपिंग पर समिति गंभीर
समिति ने बताया कि एक दिन पूर्व बीसीसीएल के एरिया-11 में दामोदर नदी के तटवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नदी के किनारे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर ओवर बर्डन (ओबी) डंपिंग की गई है, जिससे नदी की प्राकृतिक चौड़ाई प्रभावित हुई है।
समिति के अनुसार कई स्थानों पर सुरक्षा दीवारों को नुकसान पहुंचाकर भारी बोल्डरों को नदी क्षेत्र में डाल दिया गया है, जिससे नदी के प्रवाह और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इस मामले को गंभीर मानते हुए समिति ने संबंधित विभागों को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
अतिक्रमण और भूमि संबंधी पूरी जानकारी मांगी
समिति ने दामोदर नदी के आसपास स्थित रैयती, सरकारी तथा वन भूमि पर हुए संभावित अतिक्रमण की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें भूमि का प्लॉट नंबर, रकबा, प्रभावित क्षेत्र तथा नदी की वास्तविक चौड़ाई से संबंधित विवरण शामिल होगा।
समिति का मानना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद जिम्मेदार एजेंसियों की भूमिका और पर्यावरणीय क्षति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

HURL की जमीन रजिस्ट्री की होगी जांच
बैठक में हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) की भूमि रजिस्ट्री के मामलों की जांच कराने का भी निर्णय लिया गया। समिति ने कहा कि जांच से यह स्पष्ट होगा कि भूमि पंजीकरण के दौरान निर्धारित स्टांप शुल्क का सही भुगतान किया गया था या नहीं।
यदि जांच में राज्य सरकार को राजस्व हानि की पुष्टि होती है, तो संबंधित कंपनी को अतिरिक्त स्टांप शुल्क जमा करना होगा।
डीवीसी, ईसीएल और टाटा कोलियरी से मांगी रिपोर्ट
समिति ने डीवीसी को मैथन एवं पंचेत परियोजना क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं टाटा कोलियरी और ईसीएल को भी सरकारी, वन एवं रैयती भूमि के उपयोग और अधिग्रहण से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
समिति ने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और प्रभावित लोगों के अधिकारों की रक्षा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश
बैठक के दौरान संबंधित अंचल अधिकारियों को रैयतों के लंबित मुआवजा मामलों का शीघ्र निपटारा करने का निर्देश दिया गया। समिति ने कहा कि पारिवारिक सूची, उत्तराधिकार (सक्सेशन) एवं म्यूटेशन से जुड़े लंबित मामलों के कारण कई प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पा रहा है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों का त्वरित निष्पादन कर पात्र लोगों को राहत प्रदान की जाए।
बिना अनुमति सरकारी भूमि उपयोग पर सख्ती
समीक्षा के बाद समिति के सभापति मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि विभिन्न उपक्रमों से भूमि उपयोग एवं अधिग्रहण संबंधी जानकारी मांगी गई है। प्रारंभिक समीक्षा में यह सामने आया है कि कुछ संस्थानों ने बिना आवश्यक अनुमति के सरकारी भूमि का उपयोग किया है, जिससे राज्य सरकार को राजस्व नुकसान हुआ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित संस्थानों से देय राजस्व की वसूली सुनिश्चित की जाएगी।
जनहित के मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में जनहित से जुड़े अनेक विषयों पर विभागीय अधिकारियों, कंपनियों के प्रतिनिधियों तथा आउटसोर्सिंग एजेंसियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। समिति ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
समिति का उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, भूमि विवादों का समाधान करना तथा विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना बताया गया।
अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
बैठक के समापन अवसर पर अपर समाहर्ता विनोद कुमार ने समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दौरे के दौरान जिन महत्वपूर्ण मुद्दों की पहचान की गई है, उन पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी मामलों का नियमानुसार निष्पादन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, जिला खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा, राम नारायण खालको, पुटकी, झरिया एवं बलियापुर के अंचल अधिकारी, बीसीसीएल, ईसीएल, टाटा कोलियरी, एचयूआरएल तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इस समीक्षा बैठक को धनबाद एवं आसपास के क्षेत्रों में भूमि, पर्यावरण और राजस्व से जुड़े मामलों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। समिति द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद संबंधित विभागों की जवाबदेही और निगरानी और अधिक बढ़ने की संभावना है।













