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झारखण्ड

झारखंड में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण शुरू

संपादकीय

नए मतदाताओं को भरना होगा फॉर्म-6, 30 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होने जा रही है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह अभियान 29 जुलाई 2026 तक चलेगा। इसका उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना तथा अपात्र, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाकर मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।

नए मतदाताओं को भरना होगा फॉर्म-6

निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिन युवाओं की आयु 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूरी हो जाएगी और वे पहली बार मतदाता के रूप में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं, उन्हें फॉर्म-6 भरकर संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को जमा करना होगा।

फॉर्म के साथ निर्धारित घोषणा-पत्र एवं आवश्यक दस्तावेज भी जमा करने होंगे। जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वयं अथवा माता-पिता से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकेंगे। यदि पूर्व मतदाता सूची में माता-पिता का नाम दर्ज है, तो उसका संबंधित पृष्ठ भी प्रमाण के रूप में दिया जा सकता है।

दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में नाम स्थानांतरित कराने की प्रक्रिया

ऐसे मतदाता, जिनकी पहले से मतदाता सूची में मैपिंग हो चुकी है और जो झारखंड के किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र में स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं, उन्हें नए दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मामलों में दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म-8 के माध्यम से नाम स्थानांतरित कराया जा सकेगा।

इसी प्रकार झारखंड से बाहर किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज मतदाता यदि राज्य के किसी निर्वाचन क्षेत्र में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं, तो उन्हें भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा।

30 जून से घर-घर जाएंगे बीएलओ

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए गणना (Enumeration) प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे। मतदाताओं को निर्धारित जानकारी भरकर संबंधित बीएलओ को फॉर्म वापस करना होगा।

किन परिस्थितियों में हटेगा नाम?

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान निम्न परिस्थितियों में मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी—

  • यदि किसी मतदाता का नाम एक से अधिक विधानसभा क्षेत्रों या मतदान केंद्रों की मतदाता सूची में दर्ज पाया जाता है।
  • यदि मतदाता स्थायी रूप से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुका है।
  • यदि संबंधित मतदाता का निधन हो चुका है।
  • यदि मतदाता ने किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण कर ली है, लेकिन भारतीय मतदाता सूची से नाम नहीं हटवाया है।
  • यदि किसी विदेशी नागरिक ने गलत घोषणा देकर अवैध रूप से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया है।
  • यदि बीएलओ द्वारा संपर्क नहीं हो पाता और स्थानीय स्तर पर भी संबंधित व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं होती।

ऐसे मामलों में गणना प्रपत्र पर कारण दर्ज करते हुए संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

दस्तावेजों की होगी जांच

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड पहले से उपलब्ध है, उन्हें सामान्यतः अतिरिक्त दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि जिन मामलों में रिकॉर्ड का सत्यापन नहीं हो पाएगा, उन्हें आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।

पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची पर जोर

निर्वाचन आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना तथा अपात्र नामों को हटाकर मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।

राज्य के सभी पात्र नागरिकों से अपील की गई है कि वे बीएलओ के साथ सहयोग करें, समय पर आवश्यक फॉर्म भरें तथा अपने मतदाता संबंधी विवरण का सत्यापन अवश्य कराएं, ताकि आगामी चुनावों में मतदान के अधिकार का निर्बाध रूप से उपयोग किया जा सके।

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