चिरकुंडा-मुगमा सड़क जाम, पानी और खराब एप्रोच रोड को लेकर जनप्रतिनिधियों का प्रदर्शन
पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत और एप्रोच रोड के स्थायी निर्माण की मांग, बारिश के बीच मुखिया, जिला परिषद सदस्य व समाजसेवियों ने सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन, लगा लंबा जाम

चिरकुंडा I रिपोर्ट-सरबजीत सिंह :चिरकुंडा से मुगमा जाने वाली सड़क को शिवलीबाड़ी उत्तर की मुखिया, जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी और क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों ने बंद कर दिया। सड़क जाम होने से मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन प्रभावित रहा।
बताया गया कि शिवलीबाड़ी, मैथन मोड़ और मैथन जाने वाली सड़क पर एक पुलिया का निर्माण कार्य चल रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, पुलिया निर्माण शुरू होने के बाद से ही यह कार्य विवादों में रहा है। आरोप है कि निर्माण के दौरान सप्लाई पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके कारण आसपास के ग्रामीणों को कई दिनों से पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पुलिया निर्माण शुरू होने के बाद से एप्रोच रोड का उचित निर्माण नहीं किया गया। उनका कहना है कि कई बार केवल मिट्टी भरकर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है, लेकिन बारिश के बाद सड़क की स्थिति फिर खराब हो जाती है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
कई बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों का कहना है कि निर्माण कार्य से जुड़े संवेदक को कई बार क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कराने और एप्रोच रोड को मजबूती से बनाने के लिए कहा गया, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
जनप्रतिनिधियों ने पेयजल विभाग के अधिकारियों पर भी समस्या के समाधान को लेकर उदासीनता बरतने का आरोप लगाया। वहीं, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा गया कि लगातार शिकायतों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
बारिश में भी सड़क पर बैठे जनप्रतिनिधि
कई दिनों से पेयजल संकट और खराब सड़क से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता गया। इसके बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी, मुखिया और समाजसेवी बारिश के बीच सड़क पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पेयजल पाइपलाइन और एप्रोच रोड की समस्या का समाधान नहीं किया जाता, तब तक सड़क जाम जारी रहेगा।
स्कूल, स्वास्थ्य और रोजगार पर असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि एप्रोच रोड की खराब स्थिति का असर आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, मरीजों और कामकाजी लोगों पर भी पड़ रहा है। सड़क की स्थिति खराब होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर क्षतिग्रस्त पानी की पाइपलाइन को दुरुस्त कराने और एप्रोच रोड का स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक दोनों समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।












