
धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के निरसा स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बेनागड़िया में रैगिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कक्षा 10 के एक छात्र के हाथ-पैर रस्सी से बांधकर उसके ही सहपाठियों ने बेल्ट से बेरहमी से मारपीट की। घटना का वीडियो बनाने और किसी से शिकायत करने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। घायल छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH), धनबाद में भर्ती कराया गया है। घटना ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और छात्रावासों में रैगिंग रोकने के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मोबाइल पर पैसे ट्रांसफर को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र सुमित कुमार दास, गोविंदपुर प्रखंड के नगरक्यारी गांव का निवासी है और विद्यालय में कक्षा 10 का छात्र है। आरोप है कि मंगलवार देर रात छात्रावास में मोबाइल के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने को लेकर छात्रों के बीच विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर कक्षा के ही पांच छात्रों ने कथित रूप से सुमित के हाथ रस्सी से बांध दिए और बेल्ट से उसकी पिटाई की।
परिजनों का आरोप है कि मारपीट का वीडियो भी बनाया गया तथा छात्र को धमकी दी गई कि यदि उसने किसी को घटना की जानकारी दी तो उसके साथ और गंभीर परिणाम होंगे।
दो दिनों तक दर्द सहता रहा छात्र
बताया जा रहा है कि घटना के बाद सुमित ने दो दिनों तक किसी को कुछ नहीं बताया। वह विद्यालय की नर्स से दवा लेकर दर्द सहता रहा और परिजनों से फोन पर भी सब कुछ सामान्य होने की बात करता रहा। हालांकि जब उसकी तबीयत अधिक बिगड़ गई तो उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने परिवार को दी।
सूचना मिलने के बाद परिजन तत्काल विद्यालय पहुंचे, जिसके बाद विद्यालय प्रशासन को मामले की जानकारी मिली। छात्र को पहले पांडरा उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एसएनएमएमसीएच, धनबाद रेफर कर दिया।
विद्यालय प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन
घटना के संबंध में विद्यालय की प्राचार्य उषा कुजूर ने बताया कि वह फिलहाल क्षेत्र से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय लौटने के बाद पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालय प्रबंधन का यह भी कहना है कि संस्थान में छात्रों को मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद कई बार अभिभावकों द्वारा बच्चों को चोरी-छिपे मोबाइल उपलब्ध करा दिए जाते हैं। प्रबंधन ने पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित करने की बात कही है।
परिजनों ने कार्रवाई की मांग की
पीड़ित छात्र के पिता उमेश कुमार दास ने दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय प्रशासन को छात्रावास की गतिविधियों पर अधिक प्रभावी निगरानी रखनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

रैगिंग रोकने की व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में रैगिंग रोकने के लिए लागू सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रावासों में नियमित निगरानी, शिकायत तंत्र की मजबूती, परामर्श सेवाओं और संवेदनशीलता कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक है ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण मिल सके।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल घायल छात्र का इलाज एसएनएमएमसीएच, धनबाद में जारी है। विद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। अब सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट और दोषियों के खिलाफ होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित छात्रों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विद्यालय के नियमों तथा लागू कानूनों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।













