रांची में मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता की दौड़:
संपादकीय

रांची: मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता फैलाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से 26 जून 2026 को रांची में राज्यस्तरीय मैराथन का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की तैयारियों और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित होने वाली यह मैराथन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान का हिस्सा है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए समन्वित एवं समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को बताया गया कि मैराथन की शुरुआत मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से होगी। इसके बाद प्रतिभागी एसएसपी चौक, रेडियम रोड, कचहरी चौक, फिरायालाल चौक और मेन रोड से होते हुए सैनिक बाजार प्रांगण तक पहुंचेंगे, जहां कार्यक्रम का समापन होगा। मैराथन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों का पंजीकरण सुबह 6 बजे से प्रारंभ किया जाएगा।
आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए उपायुक्त ने संबंधित विभागों को विस्तृत यातायात प्रबंधन एवं डायवर्जन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित मार्ग पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, दिशा-सूचक बोर्ड और सूचना पट्ट लगाए जाएं ताकि प्रतिभागियों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए सिविल सर्जन को मैराथन के दौरान एम्बुलेंस, चिकित्सा टीम और प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में विद्यालयों, महाविद्यालयों, खेल संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और विभिन्न सरकारी विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि युवाओं की अधिकतम भागीदारी इस अभियान की सफलता की कुंजी होगी और इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासनिक प्रयासों से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसे जन आंदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है। समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों को इस अभियान से जोड़कर ही नशामुक्त समाज के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
बैठक के दौरान सभी विभागों को अपने-अपने दायित्वों का समय पर निर्वहन करने और आपसी समन्वय के साथ तैयारियों को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि राज्यस्तरीय मैराथन के माध्यम से नशे के खिलाफ एक मजबूत जनसंदेश जाएगा और समाज में जागरूकता का व्यापक माहौल बनेगा।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे तथा आयोजन को सफल बनाने के लिए आवश्यक सुझावों और तैयारियों की समीक्षा की गई। यह मैराथन अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना है।













