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झारखण्ड

रांची में विकास योजनाओं की समीक्षा, उपायुक्त ने दिए त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश

संपादकीय

रांची: जिला समाहरणालय स्थित ब्लॉक-ए के कॉन्फ्रेंस कक्ष में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में जिला अनाबद्ध निधि (District Unattached Fund) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति, क्रियान्वयन की स्थिति तथा समयबद्ध पूर्णता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी संबंधित कार्यकारी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि स्वीकृत योजनाओं के लिए संवेदकों के साथ शीघ्र एकरारनामा (एग्रीमेंट) की प्रक्रिया पूरी कर कार्य को तत्काल शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।

समीक्षा के क्रम में अधिकारियों ने जानकारी दी कि पीएम-अभिम (PM Abhim) योजना के अंतर्गत कुल नौ परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इनमें से शहरी क्षेत्र से संबंधित दो योजनाओं को निरस्त कर दिया गया है, जबकि शेष सात योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया जारी है। उपायुक्त ने इन सभी परियोजनाओं को तय समय के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।

बैठक में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MPLADS) एवं विधायक निधि से संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि माननीय सांसदों एवं विधायकों द्वारा अनुशंसित योजनाएं जनहित से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित योजनाओं का जल्द से जल्द एकरारनामा कर कार्य प्रारंभ कराया जाए तथा सभी योजनाओं को निर्धारित अवधि के भीतर पूरा किया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष की योजनाओं को समय पर पूरा करने से अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 की नई योजनाओं की अनुशंसा और क्रियान्वयन प्रक्रिया को गति मिलेगी। इससे विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी और आम जनता को समय पर लाभ प्राप्त होगा।

 

बैठक में DMFT (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट), पर्यटन विभाग तथा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) मद से संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने जिला खेल पदाधिकारी सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि खेल, पर्यटन और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। योजनाओं के निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।

मंजूनाथ भजन्त्री ने बैठक के अंत में कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनहितकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना और लोगों को उनका लाभ समय पर उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभागों, कार्यकारी एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन ही विकास योजनाओं की सफलता की कुंजी है, और इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। जिला प्रशासन विकास कार्यों की सतत निगरानी करेगा ताकि जनता को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

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