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झारखण्ड

अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई,

संपादकीय

रांची: रांची जिला प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए PC & PNDT Act के तहत बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त रांची के निर्देश पर जिला प्रशासन की विशेष टीम ने कांटाटोली चौक के समीप स्थित गैलेक्सी कॉम्प्लेक्स के प्रथम तल पर संचालित सिटी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापेमारी कर उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।

प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त केंद्र का संचालन डॉ. राजेश कुमार द्वारा बिना वैध पंजीकरण और आवश्यक अनुमति के किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद गठित छापेमारी दल ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।

कार्रवाई के दौरान टीम ने केंद्र में स्थापित GE कंपनी की Logiq C5 मॉडल की अल्ट्रासाउंड मशीन, कंप्यूटर सेट, प्रिंटर, एएनसी रजिस्टर, बिल बुक तथा अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों को जब्त कर लिया। जांच पूरी होने तक केंद्र को सील कर दिया गया है।

छापेमारी अभियान में मजिस्ट्रेट, लोअर बाजार थाना प्रभारी, महिला एवं पुरुष पुलिस बल, चिकित्सा पदाधिकारी, सिविल सर्जन कार्यालय के प्रतिनिधि, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनओ, एचओ, एमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने किया।

इस संबंध में सिविल सर्जन, सदर रांची ने कहा कि PC & PNDT Act के तहत निर्धारित अनुमति और पंजीकरण के बिना किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र का संचालन पूरी तरह अवैध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रहा है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी, सत्यापन और आवश्यकतानुसार छापेमारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं बिना अनुमति संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्र या भ्रूण लिंग जांच से संबंधित कोई गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

जिला प्रशासन का मानना है कि भ्रूण हत्या और लिंग अनुपात में असंतुलन जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अवैध चिकित्सा संस्थानों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।

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