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झारखण्ड

प्रधानमंत्री मोदी का पश्चिम बंगाल को ₹820 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

संपादकीय

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के बुनियादी ढांचे, कृषि, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में लगभग ₹820 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। “विकास की तीव्र गति पर पश्चिम बंगाल” थीम के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम को राज्य के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तथा किसानों के सशक्तिकरण के माध्यम से राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

रेलवे क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात

प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग ₹590 करोड़ की रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं की शुरुआत की, जिनका उद्देश्य क्षेत्रीय संपर्क, यातायात सुविधा और जनकल्याण को मजबूत करना है।

इस अवसर पर उन्होंने हावड़ा में लगभग ₹99 करोड़ की लागत से बनने वाले 300-बेड के अत्याधुनिक मंडलीय रेलवे अस्पताल की आधारशिला रखी। प्रस्तावित अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरण, उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएं और विशेष चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे रेलवे कर्मचारियों, पेंशनभोगियों तथा उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के हाउर और राधामोहनपुर के बीच लगभग ₹71 करोड़ की लागत से बनने वाले रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) परियोजना का शिलान्यास किया। यह परियोजना रेलवे क्रॉसिंग पर यातायात जाम की समस्या को कम करने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को भी मजबूत करेगी।

प्रधानमंत्री ने हावड़ा में ₹421 करोड़ की लागत से विकसित संकराइल-सांतरागाछी लिंक लाइन को राष्ट्र को समर्पित किया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह रणनीतिक परियोजना रेल परिचालन क्षमता बढ़ाने, माल ढुलाई को सुगम बनाने और यात्रियों के यात्रा समय को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

किसानों के खातों में पहुंची पीएम-किसान की नई किस्त

कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 23वीं किस्त जारी की। इसके तहत देशभर के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता हस्तांतरित की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को तकनीक से जोड़ने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है।

डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन का शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा आधारित सेवाओं को बढ़ावा देना है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को भी लागू किया गया, जिससे किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और मौसम संबंधी जोखिमों से बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी।

प्राकृतिक खेती और कृषि उत्पादकता पर जोर

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन का शुभारंभ करते हुए रसायन-मुक्त और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से किसानों की लागत घटेगी और मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ेगी।

इसके अतिरिक्त कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ाने के उद्देश्य से धन-धान्य कृषि योजना की भी शुरुआत की गई।

ग्रामीण संपर्क को मिलेगी नई गति

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III (पीएमजीएसवाई-III) के अंतर्गत निर्मित 315 किलोमीटर से अधिक लंबी ग्रामीण सड़कों का उद्घाटन किया।

इन परियोजनाओं से राज्य के दूरस्थ गांवों को प्रमुख बाजारों और शहरी आर्थिक केंद्रों से बेहतर संपर्क मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।

पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।

इनमें नदिया जिले के हरिणघाटा में स्थापित अत्याधुनिक बकरी वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला एवं वीर्य बैंक, फ्रेजरगंज में विस्तारित आधुनिक मत्स्य बंदरगाह तथा बीरभूम जिले के साईंथिया में विकसित आधुनिक मत्स्य बाजार शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से पशुपालकों और मछुआरा समुदाय की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा ग्रामीण रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

आत्मनिर्भर और विकसित बंगाल की दिशा में कदम

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक रेलवे नेटवर्क, उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं, डिजिटल कृषि सुधार, ग्रामीण सड़क संपर्क और पशुपालन क्षेत्र में तकनीकी नवाचार पश्चिम बंगाल के विकास को नई गति देंगे।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाना है और इसके लिए बुनियादी ढांचे तथा जनकल्याणकारी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

लगभग ₹820 करोड़ की इन विकास परियोजनाओं को पश्चिम बंगाल के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन परियोजनाओं से राज्य में रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण, बेहतर कनेक्टिविटी और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे पश्चिम बंगाल आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेगा।

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