मैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध को लेकर जागरूकता कार्यशाला, छात्रों को दी सावधानियों की जानकारी
मैथन सेंट्रल स्कूल में पुलिस ने छात्रों को साइबर ठगी, मोबाइल और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर किया जागरूक

मैथन-निरसा I रिपोर्ट-सरबजीत सिंह : साइबर अपराध की रोकथाम के लिए धनबाद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान के तहत मैथन सेंट्रल स्कूल में विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए साइबर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वरीय पुलिस अधीक्षक धनबाद प्रभात कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी निरसा लिलेश्वर महतो के नेतृत्व में किया गया।
कार्यशाला में एसडीपीओ लिलेश्वर महतो ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों और उससे बचने के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निरसा पुलिस अनुमंडल क्षेत्र में 17 से 22 अगस्त तक विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोग कड़ी मेहनत से पैसे कमाते हैं और साइबर अपराधी उनकी मेहनत की कमाई को ठगी के जरिए हड़प लेते हैं। इसी को रोकने के उद्देश्य से पुलिस पदाधिकारियों द्वारा लोगों को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को विशेष रूप से जागरूक करना जरूरी है, क्योंकि साइबर अपराधी कई बार बच्चों को भी अपने जाल में फंसा लेते हैं।
छोटी-छोटी सावधानियों से साइबर ठगी से बचाव
मैथन सेंट्रल स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार ने साइबर जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने धनबाद पुलिस, एसडीपीओ निरसा लिलेश्वर महतो और मैथन ओपी प्रभारी अभिनव कुमार का आभार जताया।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि कार्यशाला में मिली जानकारी को अपने अभिभावकों के साथ भी साझा करें और पुलिस प्रशासन द्वारा बताई गई सावधानियों का पालन करें। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर साइबर ठगी से काफी हद तक बचा जा सकता है।
मोबाइल और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल की सलाह
मैथन ओपी प्रभारी अभिनव कुमार ने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के दुरुपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने व्हाट्सऐप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने तथा अनजान लोगों से ऑनलाइन संपर्क में सतर्क रहने को कहा।
चिरकुंडा थाना के अर्जुन कुमार सिंह ने मोबाइल सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन में जरूरत के अनुसार ही संपर्क नंबर रखें और मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें, ताकि निजी जानकारी और अकाउंट की सुरक्षा बेहतर हो सके।
उन्होंने स्टूडियो में फोटो खिंचवाने के बाद अपनी तस्वीरों को स्टूडियो के कंप्यूटर सिस्टम से डिलीट करवाने की सलाह भी दी, ताकि निजी तस्वीरों के गलत इस्तेमाल की संभावना कम हो।
इसके अलावा विद्यार्थियों को अनजान नंबरों से आने वाली कॉल और व्हाट्सऐप कॉल को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस पदाधिकारियों ने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
कार्यशाला में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने साइबर अपराध से बचाव से संबंधित जानकारी प्राप्त की और पुलिस अधिकारियों से विभिन्न सावधानियों के बारे में जानकारी ली। पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत पुलिस की मदद लें और घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए तैयार करना रहा।













