पश्चिम बर्दवान में जनगणना-2027 की सेल्फ-एन्यूमरेशन मुहिम का शुभारंभ, युवा निशानेबाज अभिनव शॉ बने अभियान के ब्रांड एंबेसडर
जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों ने नागरिकों से की सक्रिय भागीदारी की अपील; कहा— सटीक, पारदर्शी और समावेशी जनगणना से ही बनेगी बेहतर विकास योजनाओं की मजबूत नींव

पश्चिम बर्दवान I क्षेत्रीय संवाददाता : देश की आगामी जनगणना-2027 (Census 2027) को अधिक पारदर्शी, सटीक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पश्चिम बर्दवान जिले में सेल्फ-एन्यूमरेशन (Self-Enumeration) अभियान का आधिकारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिले के जिलाधिकारी (District Magistrate) सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जिले के उभरते हुए युवा निशानेबाज अभिनव शॉ (Abhinav Shaw) रहे, जिन्होंने अभियान से जुड़कर नागरिकों को स्वयं अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज करने के लिए प्रेरित किया।
प्रशासन का मानना है कि आधुनिक डिजिटल तकनीक के उपयोग से होने वाली यह जनगणना न केवल अधिक सटीक होगी, बल्कि इससे सरकारी योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और विकास कार्यों की प्रभावी योजना बनाने में भी मदद मिलेगी।
जनगणना-2027: भारत की सबसे बड़ी सांख्यिकीय कवायद
जनगणना किसी भी देश के विकास की आधारशिला मानी जाती है। भारत में प्रत्येक दस वर्ष पर आयोजित होने वाली जनगणना देश की जनसंख्या, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और आवासीय स्थिति का व्यापक डेटा उपलब्ध कराती है।
जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही सरकारें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, बिजली, जलापूर्ति, आवास, सामाजिक सुरक्षा तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करती हैं।
इस बार जनगणना को डिजिटल और अधिक नागरिक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा को विशेष महत्व दिया गया है।
क्या है सेल्फ-एन्यूमरेशन?
सेल्फ-एन्यूमरेशन ऐसी व्यवस्था है जिसमें नागरिक स्वयं निर्धारित डिजिटल माध्यम के जरिए अपने परिवार और घर से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना, डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करना और जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं तेज बनाना है।
प्रशासन का कहना है कि इससे गणनाकर्मियों का कार्य भी आसान होगा तथा डेटा संग्रहण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
अभियान में युवा आइकन की भागीदारी
कार्यक्रम में पश्चिम बर्दवान के प्रतिभाशाली युवा निशानेबाज अभिनव शॉ ने लोगों से अपील की कि वे डिजिटल माध्यम का उपयोग करते हुए जनगणना-2027 की सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की सही जानकारी देश के भविष्य की योजनाओं को मजबूत बनाती है। इसलिए प्रत्येक परिवार का सहयोग आवश्यक है।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने परिवार के वरिष्ठ सदस्यों को भी इस डिजिटल प्रक्रिया में सहयोग दें।
जिलाधिकारी ने की जनभागीदारी की अपील
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण अभियान है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे समय पर अपनी सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि भविष्य की विकास योजनाएं वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाई जा सकें।
उन्होंने कहा कि—
“एक सटीक जनगणना ही प्रभावी प्रशासन और समावेशी विकास का आधार बनती है।”
डिजिटल भारत की दिशा में एक और कदम
सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा डिजिटल इंडिया अभियान को भी नई गति प्रदान करेगी।
इसके माध्यम से नागरिक—
- स्वयं अपनी जानकारी भर सकेंगे।
- समय की बचत होगी।
- त्रुटियों की संभावना कम होगी।
- डेटा का डिजिटल सत्यापन आसान होगा।
- प्रशासन को त्वरित और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध होगी।
विकास योजनाओं के लिए क्यों जरूरी है सही जनगणना?
विशेषज्ञों का मानना है कि जनगणना केवल जनसंख्या गिनने का कार्य नहीं है।
इसके आधार पर तय होती हैं—
- नए स्कूलों की आवश्यकता
- अस्पतालों की संख्या
- सड़क एवं परिवहन परियोजनाएं
- पेयजल योजनाएं
- आवास योजनाएं
- सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम
- रोजगार और कौशल विकास योजनाएं
- शहरी एवं ग्रामीण विकास की प्राथमिकताएं
यदि आंकड़े सही होंगे तो विकास योजनाएं भी अधिक प्रभावी होंगी।
प्रशासन करेगा व्यापक जागरूकता अभियान
जिला प्रशासन ने बताया कि आने वाले दिनों में विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
इसके तहत—
- विद्यालयों
- महाविद्यालयों
- पंचायतों
- नगर निकायों
- स्वयंसेवी संगठनों
- युवा समूहों
के माध्यम से लोगों को सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
नागरिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
अधिकारियों ने कहा कि जनगणना की सफलता केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है।
जब तक प्रत्येक नागरिक सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराएगा, तब तक जनगणना अपने उद्देश्य को पूरी तरह प्राप्त नहीं कर सकती।
इसी कारण लोगों से अपील की गई कि वे गलत या अधूरी जानकारी देने से बचें तथा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें।
युवाओं से विशेष अपेक्षा
डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग को देखते हुए प्रशासन ने युवाओं से विशेष सहयोग की अपील की।
युवा अपने परिवार के बुजुर्ग सदस्यों को ऑनलाइन प्रक्रिया समझाने तथा आवश्यक तकनीकी सहायता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पारदर्शी और समावेशी जनगणना का लक्ष्य
प्रशासन का लक्ष्य है कि पश्चिम बर्दवान जिले का प्रत्येक परिवार इस अभियान से जुड़े और कोई भी नागरिक जनगणना प्रक्रिया से वंचित न रहे।
अधिकारियों ने कहा कि सही जनगणना ही भविष्य की नीति निर्माण प्रक्रिया को मजबूत बनाएगी और समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाने में मदद करेगी।
पश्चिम बर्दवान में जनगणना-2027 सेल्फ-एन्यूमरेशन अभियान का शुभारंभ डिजिटल भारत और सहभागी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। युवा निशानेबाज अभिनव शॉ की भागीदारी ने इस अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की है, जबकि जिला प्रशासन ने नागरिकों से बढ़-चढ़कर इसमें शामिल होने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रत्येक नागरिक समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराए, तो जनगणना-2027 न केवल देश की सबसे सटीक जनगणना साबित होगी, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण और समावेशी शासन की मजबूत आधारशिला भी बनेगी। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ही इस राष्ट्रीय अभियान की सबसे बड़ी सफलता होगी।













