अवैध खनन पर धनबाद प्रशासन सख्त, नदी किनारे ओवरबर्डन डंप करने वालों पर होगी नामजद एफआईआर
सरबजीत सिंह

धनबाद: जिले में अवैध खनन और नदी तटों पर अवैध रूप से ओवरबर्डन (OB) डंपिंग के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जमुनिया, कतरी और दामोदर नदी के किनारे यदि कहीं भी अवैध खनन, ओवरबर्डन डंपिंग या इसकी संभावना पाई जाती है तो संबंधित अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।
न्यू टाउन हॉल में आयोजित जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने जिला खनन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम को तीनों नदियों के पूरे तटवर्ती क्षेत्र का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नदी किनारे अवैध रूप से ओवरबर्डन डंप करना भी अवैध खनन के समान गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
उपायुक्त ने नदी तटों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संभावित अवैध खनन वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराने का भी निर्देश दिया। साथ ही बिना तिरपाल ढंके कोयला परिवहन करने वाले वाहनों के चालान जारी नहीं करने और जिला परिवहन पदाधिकारी को विशेष टीम गठित कर इसकी सघन जांच कराने को कहा।
बैठक में जमुनिया नदी क्षेत्र में अवैध खनन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने जानकारी दी कि अब तक कंक्रीट ब्लॉक के माध्यम से 11 अवैध खदान मुहानों को बंद किया जा चुका है तथा अन्य अवैध मुहानों को भी बंद करने की कार्रवाई जारी है। उपायुक्त ने जिला खनन पदाधिकारी को स्थल निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा भी की गई। जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में लघु खनिजों के अवैध परिवहन के मामले में 95 वाहनों को जब्त किया गया, 13 प्राथमिकी दर्ज की गईं तथा जेएमएमसी नियम, 2004 के तहत 28.67 लाख रुपये की वसूली की गई।
वहीं अवैध कोयला खनन एवं परिवहन के खिलाफ 106 प्राथमिकी दर्ज करते हुए 76 वाहनों को जब्त किया गया, जिनमें 7 ट्रक और हाईवा सहित 69 अन्य वाहन शामिल हैं। इस दौरान 1085.40 टन कोयला जब्त किया गया तथा 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
मई 2026 तक की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि 26 प्राथमिकी दर्ज कर 40 वाहनों को जब्त किया गया, जिनमें चार ट्रक एवं हाईवा शामिल हैं। इसके साथ ही 190.5 टन अवैध कोयला बरामद कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि मार्च माह में निरसा, जोड़ापोखर और बाघमारा थाना क्षेत्रों में दो-दो तथा झरिया, तेतुलमारी, सुदामडीह, अलकडीहा ओपी और चिरकुंडा थाना क्षेत्र में एक-एक प्राथमिकी दर्ज की गई। वहीं मई माह में बाघमारा में तीन तथा सोनारडीह ओपी, मधुबन, भाटडीह ओपी, जोगता, अलकडीहा ओपी, बलियापुर और कतरास थाना क्षेत्रों में एक-एक प्राथमिकी दर्ज की गई।
उपायुक्त ने जिला खनन टास्क फोर्स, अनुमंडल दंडाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, पुलिस उपाधीक्षकों तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को संयुक्त रूप से अधिक से अधिक छापेमारी अभियान चलाकर अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण में संलिप्त लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए।
बीसीसीएल ने बैठक में बताया कि सितंबर 2025 से मई 2026 के बीच ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से 446 मामलों की पहचान की गई, जिनमें से 201 मामलों में कार्रवाई करते हुए 53 टन अवैध कोयला बरामद किया गया। इसके अलावा पिछले एक वर्ष में डोजरिंग के जरिए अवैध खदान मुहानों को ध्वस्त करने, छापेमारी अभियान, सेंट्रल कमांड कंट्रोल की निगरानी तथा सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की गई।
बैठक में उपायुक्त ने कोल कंपनियों द्वारा प्रोग्रेसिव माइन क्लोजर प्लान के तहत संरक्षण, पुनर्वास, वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण तथा सस्टेनेबल माइनिंग से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की। साथ ही विशेष शाखा एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्रवाई का भी आकलन किया गया।
बैठक में नगर आयुक्त आशिष गंगवार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल, अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, जिला खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा, बीसीसीएल के निदेशक (तकनीकी) राजीव कुमार सिन्हा, सीआईएसएफ एवं बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक उपस्थित रहे।












