विश्व वरिष्ठ नागरिक प्रताड़ना जागरूकता दिवस पर बर्नपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
सरबजीत सिंह

बर्नपुर-आसनसोल: महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार के तत्वावधान में “विश्व वरिष्ठ नागरिक प्रताड़ना जागरूकता दिवस” के अवसर पर भारती भवन, बर्नपुर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा तथा उनके प्रति होने वाले किसी भी प्रकार के शोषण, उपेक्षा एवं प्रताड़ना के विरुद्ध समाज में जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पश्चिम बंगाल सरकार के लोक निर्माण विभाग के मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार उपस्थित रहे। उनके साथ जमुड़िया विधायक डॉ. विजय मुखर्जी, जिला शासक पन्नाबालम एस, पुलिस आयुक्त डॉ. प्रबोध कुमार, आम्रपाली चक्रवर्ती, मोहम्मद यूनुस, प्रदीप्तो बनर्जी, सना अख्तर सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
अपने संबोधन में मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, ज्ञान और जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी को मार्गदर्शन मिलता है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन किसी भी समाज की पहचान और उसकी संस्कृति के संवाहक होते हैं, इसलिए उनका सम्मान, संरक्षण और देखभाल प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि आज के तेज़ी से बदलते सामाजिक परिवेश में वरिष्ठ नागरिकों को अकेलेपन, उपेक्षा और विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में समाज और परिवार दोनों की जिम्मेदारी है कि वे उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाएं और उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने में सहयोग करें।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही उनके अधिकारों, कानूनी संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों को बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार, आर्थिक शोषण या मानसिक प्रताड़ना न केवल सामाजिक अपराध है, बल्कि कानूनन भी दंडनीय है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और देखभाल के प्रति जागरूक रहने तथा उनके अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प भी दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि परिवार और समाज में बुजुर्गों को उचित स्थान देकर ही एक संवेदनशील और सभ्य समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, समाजसेवियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों तथा स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी रही। आयोजन के माध्यम से समाज में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, सहयोग और सुरक्षा की भावना को और अधिक सुदृढ़ बनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास करने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को इस दिशा में जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। यह आयोजन वृद्धजनों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के प्रति समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा।













