
राँची : राँची में आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में उपायुक्त राँची की अध्यक्षता में समाहरणालय कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस प्रशासन, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और शांति समिति के सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक (नगर), पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था), अनुमंडल पदाधिकारी सदर, जिला नजारत उप समाहर्ता सहित कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। वहीं सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से महावीर मण्डल, सेंट्रल मोहर्रम कमिटी, अंजुमन इस्लामिया, गुरुनानक समिति तथा पंजाबी हिंदू बिरादरी के सदस्य भी बैठक में शामिल हुए।
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Toggleपर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने पर जोर
बैठक के दौरान आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने आपसी समन्वय और सहयोग के माध्यम से त्योहार को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने पर सहमति जताई।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने बारी-बारी से अपनी राय और सुझाव रखे। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने पर्व के दौरान:
- संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी,
- असामाजिक तत्वों की पहचान,
- आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर त्वरित कार्रवाई,
- साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था,
- निर्बाध बिजली और पानी आपूर्ति,
- तथा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।
प्रशासन ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
राँची की सामाजिक एकता को बनाए रखने की अपील
बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि राँची शहर हमेशा से सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल रहा है। पूर्व में भी रामनवमी, ईद, सरहुल, मोहर्रम और दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होते रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि इसमें:
- महावीर मण्डल,
- केन्द्रीय सरना समिति,
- रामनवमी श्रृंगार समिति,
- राँची चैती दुर्गा पूजा समिति,
- सेंट्रल मोहर्रम कमिटी,
- अंजुमन इस्लामिया,
- और अन्य सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों का सहयोग हमेशा सराहनीय रहा है।
प्रशासन ने विश्वास जताया कि इस बार भी सभी के सामूहिक प्रयास और समन्वय से बकरीद पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जाएगा।

सोशल मीडिया पर रहेगी प्रशासन की कड़ी नजर
बैठक में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भड़काऊ पोस्टों को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
आम नागरिकों से अपील की गई कि:
- किसी भी प्रकार की अफवाह या आपत्तिजनक पोस्ट पर प्रतिक्रिया न दें,
- बिना पुष्टि की जानकारी साझा न करें,
- और किसी भी संदिग्ध या भड़काऊ सामग्री की सूचना तुरंत पुलिस-प्रशासन को दें।
प्रशासन ने चेतावनी दी कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क
बैठक के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने कहा कि बकरीद पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि:
- संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा,
- लगातार गश्त की जाएगी,
- और हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
एसएसपी ने सभी शांति समिति सदस्यों और सामाजिक संगठनों से प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी मैदान स्तर पर सक्रिय रहेंगे ताकि किसी भी परिस्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
उन्होंने असामाजिक और आपराधिक तत्वों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
भाईचारे और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प
बैठक के अंत में प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि सभी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए बकरीद पर्व को आपसी भाईचारे, सद्भाव और शांति के साथ मनाया जाएगा।
प्रशासन ने कहा कि राँची को केवल झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश में सामाजिक सौहार्द और एकता की मिसाल बनाना है। इसके लिए हर नागरिक, सामाजिक संगठन और प्रशासनिक तंत्र को मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि शांति और सद्भाव बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और त्योहारों का वास्तविक संदेश भी यही है कि समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता बनी रहे।













