‘पारिजात हरण’ नाट्य प्रस्तुति ने मोहा मन, सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ‘पारिजात हरण’ की प्रस्तुति की सराहना की, युवाओं को भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने पर दिया जोर

नई दिल्ली I रिपोर्ट-क्षेत्रीय संवाददाता :केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव द्वारा रचित अंकीय नाट ‘पारिजात हरण’ की शानदार प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि कलाकारों ने मंच पर इस नाट्य प्रस्तुति को बेहद सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया, जिसे देखकर उन्हें काफी खुशी हुई।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवा पीढ़ी को भक्ति भावनाओं और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को पहचानने तथा उनका सम्मान करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कई विद्यार्थी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि युवाओं की इस भागीदारी से उन्हें खुशी हुई और उम्मीद है कि विद्यार्थियों को भी इस आयोजन के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण संदेश मिला होगा।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भारतीय समाज की सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक परंपराओं को पहचान देने तथा उन्हें संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराने का माध्यम भी है। ऐसे आयोजनों के जरिए भारतीय संस्कृति की विविधता और आध्यात्मिक परंपराओं को व्यापक पहचान मिल सकती है।












