‘ये प्रेम मोल लिया’ की शूटिंग पूरी, अनुपम खेर ने कहा— “अब दर्शकों तक पहुँचेगा इस खूबसूरत सफर का जादू”
निर्देशक सूरज बड़जात्या के साथ वर्षों की रचनात्मक साझेदारी को याद करते हुए अनुपम खेर ने जताया भावुक आभार; भारतीय पारिवारिक मूल्यों पर आधारित फिल्म को बताया दिल को छू लेने वाली कहानी।

विश्लेषण I मुंबई: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने अपनी आगामी फिल्म “ये प्रेम मोल लिया” (Yeh Prem Mol Liya) की शूटिंग पूरी होने की घोषणा बेहद भावुक अंदाज में की। फिल्म का पिक्चर रैप (Picture Wrap) पूरा होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर निर्देशक सूरज बड़जात्या और पूरी फिल्म यूनिट के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस सफर को यादगार बताया। उनके इस भावुक संदेश ने फिल्म प्रेमियों के बीच उत्सुकता और बढ़ा दी है।
अनुपम खेर ने कहा कि यह फिल्म केवल एक और प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भारतीय पारिवारिक मूल्यों, रिश्तों और भावनाओं को समर्पित एक ऐसी कहानी है, जो दर्शकों के दिलों को छू जाएगी।
सूरज बड़जात्या के साथ दशकों पुराना रिश्ता
अपने संदेश में अनुपम खेर ने निर्देशक सूरज बड़जात्या के साथ अपने चार दशक पुराने संबंधों को याद किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपनी पहली फिल्म “सारांश” की थी, उस समय सूरज बड़जात्या एक सहायक निर्देशक के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे।
उस दौर से लेकर आज तक दोनों ने आठ से अधिक फिल्मों में साथ काम किया है। अनुपम खेर ने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने सूरज बड़जात्या को भारतीय सिनेमा के सबसे संवेदनशील और सफल कहानीकारों में विकसित होते देखा है।
उन्होंने लिखा कि यह उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है कि उन्हें इतने लंबे समय तक सूरज बड़जात्या के साथ काम करने का अवसर मिला।
भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों के सबसे बड़े कहानीकारों में एक
अनुपम खेर ने कहा कि आज जब सिनेमा तेजी से बदल रहा है और नई-नई शैलियों के प्रयोग हो रहे हैं, तब भी सूरज बड़जात्या ने भारतीय परिवार, रिश्तों, प्रेम, करुणा और नैतिक मूल्यों को अपनी फिल्मों का केंद्र बनाए रखा है।
उन्होंने कहा कि यही सूरज बड़जात्या की सबसे बड़ी ताकत है।
उनके अनुसार—
“उनकी फिल्में केवल मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि लोगों के जीवन का हिस्सा बन जाती हैं।”
यही कारण है कि वर्षों बाद भी उनकी फिल्में दर्शकों के दिलों में जीवित रहती हैं।
‘ये प्रेम मोल लिया’— दिल से निकली एक भावनात्मक कहानी
अनुपम खेर ने बताया कि “ये प्रेम मोल लिया” भी सूरज बड़जात्या की उसी शानदार सिनेमाई यात्रा का एक नया अध्याय है।
उन्होंने कहा कि पहली बार जब उन्होंने फिल्म की कहानी सुनी थी, तभी यह कहानी उनके दिल को छू गई थी।
उनके अनुसार इस फिल्म में—
- प्रेम है,
- संवेदनाएं हैं,
- परिवार है,
- रिश्तों की गर्माहट है,
- भारतीय संस्कृति की खुशबू है,
- और जीवन के भावनात्मक पहलुओं को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह फिल्म दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में सफल होगी।
पूरी टीम का जताया आभार
शूटिंग पूरी होने के बाद अनुपम खेर ने फिल्म के सभी कलाकारों, तकनीशियनों और पूरी यूनिट का विशेष धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि सेट पर बिताया गया प्रत्येक दिन बेहद यादगार रहा।
उन्होंने लिखा कि पूरी टीम के सहयोग, समर्पण, अनुशासन और स्नेह ने इस फिल्म की शूटिंग को एक सुखद अनुभव बना दिया।
उनके अनुसार फिल्म निर्माण केवल कैमरे के सामने अभिनय करने तक सीमित नहीं होता, बल्कि पर्दे के पीछे काम करने वाले सैकड़ों लोगों की मेहनत ही किसी फिल्म को सफल बनाती है।

‘अब दर्शकों तक पहुँचेगा असली सफर’
अनुपम खेर ने अपने संदेश के अंत में लिखा कि किसी फिल्म की शूटिंग पूरी होना उसके सफर का अंत नहीं होता।
उन्होंने कहा—
“कुछ यात्राएँ शूटिंग पूरी होने पर समाप्त हो जाती हैं, लेकिन सबसे खूबसूरत यात्राएँ तब शुरू होती हैं जब फिल्म दर्शकों तक पहुँचती है।”
उन्होंने फिल्म प्रेमियों से अपील की कि वे “ये प्रेम मोल लिया” के जादू को बड़े पर्दे पर अनुभव करने के लिए तैयार रहें।
सूरज बड़जात्या की फिल्मों की विशेष पहचान
भारतीय सिनेमा में सूरज बड़जात्या का नाम उन फिल्मकारों में लिया जाता है जिन्होंने वर्षों तक पारिवारिक फिल्मों की परंपरा को जीवित रखा।
उनकी फिल्मों की सबसे बड़ी विशेषता रही है—
- संयुक्त परिवार की भावना,
- संस्कार,
- रिश्तों का सम्मान,
- प्रेम और त्याग,
- सकारात्मक सोच,
- भारतीय संस्कृति का सम्मान।
इसी कारण उनकी फिल्मों को देश ही नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय परिवारों ने भी खूब पसंद किया है।
भावनाओं से भरपूर सिनेमा की वापसी की उम्मीद
फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में जब एक्शन, थ्रिलर और बड़े बजट की फिल्मों का बोलबाला है, ऐसे समय में यदि कोई फिल्म पारिवारिक मूल्यों और भावनाओं को केंद्र में रखकर बनाई जाती है, तो वह दर्शकों के लिए ताजगी का अनुभव बन सकती है।
“ये प्रेम मोल लिया” से भी ऐसी ही उम्मीदें की जा रही हैं।
सोशल मीडिया पर बढ़ा उत्साह
अनुपम खेर के भावुक संदेश के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रशंसक फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और मान रहे हैं कि सूरज बड़जात्या एक बार फिर रिश्तों और प्रेम की ऐसी कहानी लेकर आ रहे हैं, जो परिवार के साथ देखने योग्य होगी।
अनुपम खेर का शानदार सफर
भारतीय सिनेमा के सबसे बहुमुखी अभिनेताओं में शामिल अनुपम खेर चार दशक से अधिक समय से फिल्म उद्योग में सक्रिय हैं।
उन्होंने कॉमेडी, सामाजिक, पारिवारिक, नकारात्मक और प्रेरणादायक हर प्रकार के किरदारों को यादगार बनाया है।
उनका अनुभव और अभिनय किसी भी फिल्म को विशेष बना देता है।
दर्शकों की निगाहें रिलीज पर
हालांकि फिल्म की रिलीज़ तिथि की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन शूटिंग पूरी होने के साथ ही अब पोस्ट-प्रोडक्शन का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ेगा।
फिल्म समीक्षकों का मानना है कि यदि सूरज बड़जात्या अपनी पारंपरिक शैली और भावनात्मक कहानी कहने की कला को बरकरार रखते हैं, तो “ये प्रेम मोल लिया” आने वाले समय की चर्चित पारिवारिक फिल्मों में शामिल हो सकती है।
विश्लेषण
“ये प्रेम मोल लिया” की शूटिंग पूरी होने के साथ ही एक महत्वपूर्ण सिनेमाई अध्याय का निर्माण कार्य समाप्त हुआ है, लेकिन असली परीक्षा अब दर्शकों के बीच होगी। अनुपम खेर के भावुक शब्दों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय परिवार, प्रेम, विश्वास और मानवीय रिश्तों की भावनात्मक यात्रा है।
अब फिल्म प्रेमियों की निगाहें इसके ट्रेलर और रिलीज़ डेट पर टिकी हैं। यदि सूरज बड़जात्या की पूर्व फिल्मों की परंपरा कायम रहती है, तो “ये प्रेम मोल लिया” दर्शकों को एक बार फिर पारिवारिक सिनेमा की गर्माहट और भावनात्मक गहराई का यादगार अनुभव दे सकती है।













