फ्रांस के एवियन में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की अहम मुलाकात
संपादकीय

एवियन (फ्रांस): जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के बीच आयोजित इस मुलाकात को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र की रणनीतिक परिस्थितियों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों देशों ने आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने तथा वैश्विक स्थिरता के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और आर्थिक विकास के क्षेत्र में दोनों देशों की साझा सोच वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण सहयोगी बताते हुए व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने दोनों देशों के बीच रक्षा और आर्थिक सहयोग में हुई प्रगति की सराहना की।
बैठक के दौरान वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग तथा स्वच्छ ऊर्जा जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि जी-7 सम्मेलन के अवसर पर हुई यह मुलाकात आने वाले वर्षों में भारत-अमेरिका संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान कर सकती है। वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों में दोनों देशों की बढ़ती नजदीकियां विश्व राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती हैं।
फ्रांस के एवियन में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता एकत्र हुए हैं, जहां वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा और तकनीकी विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की यह मुलाकात सम्मेलन के प्रमुख आकर्षणों में से एक रही।
भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि दोनों देश वैश्विक मंच पर मिलकर नई संभावनाओं और सहयोग के अवसरों की तलाश में आगे बढ़ रहे हैं।













