धनबाद जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर प्रशासन सक्रिय
सरबजीत सिंह

धनबाद/निरसा : जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। उप विकास आयुक्त सन्नी राज के निर्देश पर धनबाद जिले के विभिन्न प्रखंडों में आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने को लेकर बैठक आयोजित की गई।
इस संबंध में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेहा कश्यप ने बताया कि धनबाद सदर, बलियापुर, झरिया, निरसा, एगारकुंड, कलियासोल, टुंडी, पूर्वी टुंडी, गोविंदपुर, तोपचांची एवं बाघमारा प्रखंडों में अलग-अलग बैठकें आयोजित कर विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ आवश्यक चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि निरसा प्रखंड सभागार में आयोजित बैठक में विद्युत कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित रहीं। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली कनेक्शन की स्थिति की समीक्षा की गई तथा जिन केंद्रों में अब तक बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेहा कश्यप ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों और महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण केंद्र हैं, जहां पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। ऐसे में केंद्रों में बिजली की सुविधा उपलब्ध होना बेहद जरूरी है ताकि बच्चों को बेहतर वातावरण मिल सके और विभिन्न योजनाओं का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
उन्होंने बताया कि जिले के अन्य प्रखंडों — धनबाद सदर, बलियापुर, झरिया, एगारकुंड, कलियासोल, टुंडी, पूर्वी टुंडी, गोविंदपुर, तोपचांची एवं बाघमारा — में भी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं द्वारा संबंधित विद्युत कार्यपालक अभियंताओं और कनीय अभियंताओं के साथ बैठक की गई।

बैठक के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को तेज करने, लंबित मामलों का जल्द निष्पादन करने तथा तकनीकी समस्याओं के समाधान पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया कि जिन केंद्रों में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।
प्रशासन का मानना है कि बिजली सुविधा उपलब्ध होने से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक एवं पोषण संबंधी गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। साथ ही गर्मी और बरसात के मौसम में बच्चों एवं महिलाओं को भी राहत मिलेगी।
बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी प्रखंडों में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति का सर्वे कर शीघ्र रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी की जा सके।
जिला प्रशासन द्वारा की जा रही इस पहल को महिला एवं बाल विकास से जुड़े कार्यों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












