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जन दर्शन- विकास

INSIGHT द्वारा धनबाद में स्ट्रीट एनिमल्स केयर एवं प्रोटेक्शन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

संपादकीय

धनबाद, झारखंड – दिनांक 03 अगस्त 2025 को Indian Socio Income and Grievance Helping Trust (INSIGHT) द्वारा धनबाद में स्ट्रीट एनिमल्स केयर एवं प्रोटेक्शन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सड़कों पर रहने वाले पशुओं की देखभाल, सुरक्षा और उनके प्रति मानवीय व्यवहार के प्रति जागरूकता फैलाना था।

सीधी बात—ज्यादातर लोग सड़क के जानवरों को तब तक नजरअंदाज करते हैं जब तक वे समस्या नहीं बन जाते। यही मानसिकता बदलना इस कार्यक्रम का असली मकसद था।

कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने सड़क पर रहने वाले कुत्तों और गायों को भोजन (Food) प्रदान किया। यह केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि उन जानवरों के लिए जरूरी सहायता थी जो रोजाना भूख से जूझते हैं।

इसके साथ ही, कार्यक्रम में मेडिकल सहायता (Medical Support) भी दी गई। घायल और बीमार जानवरों को प्राथमिक उपचार (First Aid), दवाइयाँ और मरहम (Ointment) लगाकर उनकी देखभाल की गई। सच्चाई यह है कि सड़क के अधिकांश जानवरों को इलाज नहीं मिल पाता—और यही पहल सबसे ज्यादा जरूरी थी।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था समुदाय में जागरूकता फैलाना। स्थानीय लोगों को बताया गया:

  • जानवरों के साथ मानवीय व्यवहार क्यों जरूरी है
  • घायल जानवरों की मदद कैसे करें
  • गंभीर स्थिति में किससे संपर्क करें
  • समाज की जिम्मेदारी क्या है

लोगों को यह समझाने की कोशिश की गई कि सड़क के जानवर कोई समस्या नहीं, बल्कि समाज का हिस्सा हैं।

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों के बीच संवाद भी हुआ, जिससे लोगों के मन में मौजूद डर और गलत धारणाएं कम हुईं। कई लोगों ने कार्यक्रम में भाग लेकर जानवरों को भोजन देने और उनकी देखभाल करने में रुचि दिखाई।

इस कार्यक्रम के सफल संचालन में स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने भोजन वितरण, चिकित्सा सहायता और समन्वय का कार्य संभाला।

इस पहल के माध्यम से Indian Socio Income and Grievance Helping Trust (INSIGHT) ने समाज के एक अनदेखे मुद्दे—सड़क के जानवरों की सुरक्षा और देखभाल—पर ध्यान केंद्रित किया।

लेकिन सच्चाई यह है कि एक दिन का कार्यक्रम पर्याप्त नहीं होता। यदि इसके बाद नियमित रूप से भोजन, इलाज और देखभाल नहीं की गई, तो इसका प्रभाव सीमित रह जाएगा।

वास्तविक बदलाव के लिए ऐसे प्रयासों को नियमित गतिविधियों, वैक्सीनेशन ड्राइव और सामुदायिक भागीदारी में बदलना होगा। तभी सड़क के जानवरों की स्थिति में स्थायी सुधार संभव है।

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