
धनसृष्टि भविष्य निधि ट्रस्ट द्वारा जनवरी 2026 में रानीगंज में एक दिवसीय वित्तीय समावेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय लोगों को वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग सेवाओं और डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में कुल 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया और विभिन्न जागरूकता सत्रों का लाभ उठाया।
यह पहल ट्रस्ट के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रयासों का हिस्सा है, जिसके माध्यम से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम के उद्देश्य
कार्यक्रम के दौरान वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया—
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वित्तीय समावेशन और बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना
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बचत की आदत और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना
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डिजिटल भुगतान और वित्तीय सुरक्षा की समझ विकसित करना
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जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन के लिए लोगों को प्रेरित करना
संस्था का मानना है कि वित्तीय साक्षरता आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जागरूकता और प्रशिक्षण सत्र
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बैंक खाता खोलने, नियमित बचत करने, सुरक्षित रूप से ऋण लेने और विभिन्न बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाने के बारे में जानकारी दी गई।
डिजिटल लेन-देन जैसे मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई भुगतान और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी भी सरल भाषा में समझाई गई। साथ ही प्रतिभागियों को वित्तीय धोखाधड़ी से बचने और सुरक्षित लेन-देन करने के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया।
संवादात्मक सत्र
कार्यक्रम में एक इंटरैक्टिव प्रश्न-उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने बैंकिंग प्रक्रिया, डिजिटल भुगतान और सरकारी योजनाओं से संबंधित अपने सवाल पूछे और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया।
यह सत्र प्रतिभागियों की समझ को मजबूत करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक रहा।
शैक्षणिक सामग्री का वितरण
कार्यक्रम के अंतर्गत सभी प्रतिभागियों के बीच शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। इसमें वित्तीय साक्षरता, बचत के तरीके, बैंकिंग सेवाएं और डिजिटल सुरक्षा से संबंधित जानकारी शामिल थी।
प्रतिभागियों को प्रेरित किया गया कि वे इस जानकारी को अपने परिवार और आसपास के लोगों के साथ साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें।
भोजन और अल्पाहार की व्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट द्वारा सभी 30 प्रतिभागियों के लिए एक समय का भोजन उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही सत्र के दौरान चाय और नाश्ता भी परोसा गया, जिससे प्रतिभागियों को एक सहज और अनुकूल वातावरण मिला।












