
केंद्रीय रेल मंत्री को सौंपा गया विस्तृत ज्ञापन
नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात, धनबाद की रेल सुरक्षा, यात्री सुविधाओं और आधारभूत संरचना से जुड़े मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा
नई दिल्ली-धनबाद: देश की ऊर्जा राजधानी और पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक शहर धनबाद की रेल व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिष्टाचार मुलाकात के दौरान धनबाद लोकसभा क्षेत्र से जुड़े रेल सुरक्षा, यात्री सुविधाओं तथा आधारभूत संरचना के विकास संबंधी कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
मुलाकात के दौरान धनबाद के रेलवे नेटवर्क में वर्षों से लंबित परियोजनाओं, लगातार बढ़ते रेल यातायात, यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और रेलवे से जुड़े अन्य विकासात्मक कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। ज्ञापन में विशेष रूप से रेलवे फाटकों पर ओवरब्रिज एवं अंडरब्रिज निर्माण, नई ट्रेनों के संचालन, विशेष ट्रेनों को नियमित करने, गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन रेलवे कोटा बढ़ाने तथा रेलवे ट्रैक के आसपास हो रहे अवैध कोयला खनन पर प्रभावी कार्रवाई की मांग प्रमुखता से रखी गई।
धनबाद: देश की रेल और औद्योगिक राजधानी
धनबाद केवल झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसे “कोयला नगरी” के नाम से जाना जाता है। देश के अधिकांश ताप विद्युत संयंत्रों, इस्पात उद्योगों और भारी उद्योगों तक कोयले की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा धनबाद क्षेत्र से ही होता है।
धनबाद मंडल भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त रेल मंडलों में शामिल है। प्रतिदिन हजारों यात्री और सैकड़ों मालगाड़ियां इस क्षेत्र से होकर गुजरती हैं। कोयला, लौह अयस्क, इस्पात और अन्य औद्योगिक सामग्री के परिवहन के कारण यहां रेलवे पर अत्यधिक दबाव बना रहता है।
ऐसी स्थिति में रेल सुरक्षा, यात्री सुविधाओं और आधुनिक आधारभूत संरचना का विकास समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।
सेतु भारतम योजना के तहत ROB और RUB निर्माण की मांग
ज्ञापन में सबसे महत्वपूर्ण मांग सेतु भारतम योजना के अंतर्गत धनबाद के नौ प्रमुख रेलवे फाटकों पर रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और रेलवे अंडर ब्रिज (RUB) के निर्माण की रही।
धनबाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसे रेलवे क्रॉसिंग हैं जहां दिनभर लंबा जाम लगा रहता है। कई बार रेलवे फाटक बंद रहने के कारण एंबुलेंस, स्कूल बसें, मरीजों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन फाटकों पर ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनने से—
- सड़क यातायात सुगम होगा।
- दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
- रेलवे संचालन अधिक सुरक्षित होगा।
- समय की बचत होगी।
- औद्योगिक परिवहन को गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए ऐसे निर्माण कार्य अत्यंत आवश्यक हो चुके हैं।
नई ट्रेनों के संचालन की मांग
धनबाद देश के लगभग सभी प्रमुख महानगरों से रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है, लेकिन यात्रियों की बढ़ती संख्या के अनुरूप अभी भी कई महत्वपूर्ण रूटों पर ट्रेनों की कमी महसूस की जाती है।
ज्ञापन में विभिन्न राज्यों के लिए नई ट्रेनों के संचालन की मांग की गई ताकि—
- यात्रियों को प्रतीक्षा सूची की समस्या से राहत मिले।
- व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले।
- छात्रों एवं नौकरीपेशा लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।
- धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक आवागमन आसान हो।
नई ट्रेनों के संचालन से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी गति मिलने की संभावना है।
विशेष ट्रेनों को नियमित करने की मांग
त्योहारों, गर्मी की छुट्टियों तथा अन्य विशेष अवसरों पर भारतीय रेलवे कई विशेष ट्रेनों का संचालन करती है।
धनबाद से होकर गुजरने वाली कई विशेष ट्रेनों को यात्रियों द्वारा अत्यधिक पसंद किया जाता है।
ज्ञापन में मांग की गई कि जिन विशेष ट्रेनों में पूरे वर्ष अच्छी यात्री संख्या रहती है, उन्हें स्थायी रूप से नियमित ट्रेनों के रूप में संचालित किया जाए।
इससे—
- यात्रियों को स्थायी सुविधा मिलेगी।
- टिकट की उपलब्धता बेहतर होगी।
- रेलवे की आय में भी वृद्धि होगी।
गंभीर मरीजों के लिए HO (आपातकालीन) कोटा बढ़ाने की मांग
धनबाद एवं आसपास के जिलों के अनेक मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, वेल्लोर, कोलकाता, लखनऊ और अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों तक यात्रा करनी पड़ती है।
ऐसे मरीजों को तत्काल रेलवे टिकट नहीं मिलने पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इसी को देखते हुए ज्ञापन में HO (Emergency Quota) बढ़ाने की मांग की गई।
यदि यह मांग स्वीकार होती है तो—
- गंभीर मरीजों को तत्काल टिकट उपलब्ध हो सकेगा।
- गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलेगी।
- चिकित्सा सेवाओं तक समय पर पहुंच सुनिश्चित होगी।
गोमो के पास रेलवे ट्रैक के समीप अवैध कोयला खनन पर चिंता
ज्ञापन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु गोमो क्षेत्र के समीप रेलवे ट्रैक के आसपास हो रहे कथित अवैध कोयला खनन से संबंधित था।
स्थानीय स्तर पर समय-समय पर यह चिंता व्यक्त की जाती रही है कि रेलवे ट्रैक के निकट अवैध खनन गतिविधियां भविष्य में रेल सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि—
- रेलवे सुरक्षा एजेंसियां नियमित निरीक्षण करें।
- अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- रेलवे लाइन की संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए।
रेल सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार रेलवे लाइन के नीचे अथवा आसपास किसी भी प्रकार की अनियंत्रित खुदाई भविष्य में गंभीर जोखिम उत्पन्न कर सकती है।
यात्रियों की सुविधाओं में व्यापक सुधार की आवश्यकता
धनबाद स्टेशन पूर्वी भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई अतिरिक्त सुधारों की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है, जिनमें—
- प्लेटफॉर्म विस्तार
- आधुनिक प्रतीक्षालय
- बेहतर स्वच्छता
- डिजिटल सूचना प्रणाली
- दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं
- पार्किंग व्यवस्था
- एस्केलेटर एवं लिफ्ट
- महिला एवं वरिष्ठ नागरिक सहायता केंद्र
जैसी सुविधाओं का विस्तार शामिल है।
रेल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
देश में रेलवे लगातार सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।
धनबाद जैसे अत्यधिक व्यस्त रेल मंडल में—
- आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली
- ट्रैक मॉनिटरिंग
- ड्रोन सर्विलांस
- रेलवे सुरक्षा बल की तैनाती
- स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम
जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई।
औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति
धनबाद में रेल सुविधाओं का सीधा संबंध औद्योगिक उत्पादन और व्यापार से है।
यदि रेल अवसंरचना मजबूत होती है तो—
- कोयला परिवहन तेज होगा।
- इस्पात उद्योग को लाभ मिलेगा।
- लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी।
- निवेश आकर्षित होगा।
- रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।
रेल मंत्री से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
मुलाकात के दौरान विश्वास व्यक्त किया गया कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इन जनहित से जुड़े प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करेंगे।
यदि इन मांगों को स्वीकृति मिलती है तो धनबाद सहित पूरे क्षेत्र की लाखों जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
स्थानीय जनता की अपेक्षाएं
धनबाद के नागरिक लंबे समय से रेलवे फाटकों पर जाम, सीमित ट्रेन सेवाओं, चिकित्सा यात्रियों की समस्याओं और रेलवे सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग करते रहे हैं।
रेलवे देश की आर्थिक धुरी है और धनबाद उसका एक महत्वपूर्ण केंद्र। ऐसे में यहां की रेल व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय बनाना न केवल क्षेत्र बल्कि पूरे देश के औद्योगिक विकास के लिए भी आवश्यक माना जा रहा है।
नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री से हुई यह मुलाकात धनबाद की रेल व्यवस्था को नई दिशा देने की पहल के रूप में देखी जा रही है। रेलवे फाटकों पर ROB/RUB निर्माण, नई ट्रेनों का संचालन, विशेष ट्रेनों का नियमितीकरण, गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन कोटा बढ़ाने तथा रेलवे ट्रैक के आसपास अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई जैसी मांगें सीधे आम जनता के हित से जुड़ी हुई हैं।
यदि इन प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है, तो धनबाद न केवल बेहतर रेल संपर्क और सुरक्षित आवागमन की दिशा में आगे बढ़ेगा, बल्कि देश के प्रमुख औद्योगिक और रेल केंद्र के रूप में उसकी भूमिका भी और अधिक मजबूत होगी।













