एगारकुंड में छात्रों को निशुल्क पाठ्य पुस्तक एवं स्कूल बैग वितरण, 365 विद्यार्थियों को मिला लाभ
सरबजीत सिंह

निरसा-एगारकुंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय एगारकुंड में सोमवार को निशुल्क पाठ्य पुस्तक एवं स्कूल बैग वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बिना किसी बाधा के पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक अरूप चटर्जी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड सरकार द्वारा चलाई जा रही यह योजना शिक्षा के सर्वभौमिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य ड्रॉपआउट दर को कम करना, गरीब एवं ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और उनके ऊपर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह योजना सभी वर्गों के छात्रों के लिए समान रूप से लागू है, जिसमें किसी प्रकार का जाति या आय के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार झा ने कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा चौथी से आठवीं तक के सभी नामांकित छात्र-छात्राओं को पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। इसके अलावा कक्षा पहली से आठवीं तक के कुल 365 विद्यार्थियों को स्कूल बैग भी दिए गए। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपनी किताबों का सही तरीके से उपयोग करें और उन्हें फटने या गंदा होने से बचाएं। साथ ही उन्होंने नियमित रूप से पढ़ाई करने और अपने भविष्य को संवारने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रबंधन की ओर से मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों का स्वागत गुलदस्ता भेंट कर किया गया। इस अवसर पर चिरकुंडा नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी, जिला परिषद सदस्य बादल चंद्र बाउरी, स्थानीय मुखिया अजय कुमार राम तथा पार्षद सोनू कुमार पासवान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, संकुल साधन सेवी और स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रमुख रूप से विदन मंडल, कुमारी सोना दास, ज्योति कुमारी, रईस अंसारी, पोरेश चंद्र महतो, स्वीटी कुमारी, जय राजवंशी, मुकेश बाउरी, वर्षा हलदार, श्वेता कुमारी, विजय वर्मा, चंदन मिश्रा, कालीचरण कुमार और रहमान अंसारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान जब छात्रों को पाठ्य पुस्तकें और स्कूल बैग वितरित किए गए, तो उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। इस पहल से न केवल छात्रों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री मिली, बल्कि उनके भीतर पढ़ाई के प्रति उत्साह भी बढ़ा है।
यह कार्यक्रम क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में अधिक से अधिक बच्चे विद्यालय से जुड़ेंगे और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।












