रोम में भारत का गौरव बढ़ा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को FAO ने किया सम्मानित
पीएम मोदी को मिला FAO Agricola Medal,

रोम-नई दिल्ली : भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi को संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की ओर से प्रतिष्ठित “FAO Agricola Medal” से सम्मानित किया गया। इटली की राजधानी रोम स्थित FAO मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने यह सम्मान विनम्रता के साथ स्वीकार किया और इसे देश के 140 करोड़ भारतीयों, विशेष रूप से किसानों, पशुपालकों, मत्स्य पालकों तथा कृषि वैज्ञानिकों को समर्पित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि यह भारत के करोड़ों अन्नदाताओं की अथक मेहनत, समर्पण और देश की कृषि परंपरा का वैश्विक स्तर पर सम्मान है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा मानव कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है तथा यही कारण है कि आज दुनिया भारत की कृषि नीतियों और विकास मॉडल को गंभीरता से देख रही है।
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Toggleकिसानों के नाम समर्पित किया सम्मान
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“मैं अत्यंत विनम्रता के साथ यह सम्मान स्वीकार करता हूं। मैं इसे भारत के अन्नदाताओं, पशुपालकों, मछुआरों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि क्षेत्र से जुड़े हर व्यक्ति को समर्पित करता हूं। यह भारत की कृषि शक्ति और आत्मनिर्भरता की पहचान है।”
उन्होंने कहा कि भारत के किसानों ने कठिन परिस्थितियों में भी देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया है। महामारी, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक संकटों के बावजूद भारतीय किसानों ने उत्पादन बढ़ाकर दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत केवल अपने लिए ही नहीं बल्कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है।
FAO द्वारा भारत की नीतियों की सराहना
FAO अधिकारियों ने समारोह के दौरान भारत की कई जनकल्याणकारी और कृषि आधारित योजनाओं की प्रशंसा की। संगठन ने कहा कि भारत ने छोटे किसानों के सशक्तिकरण, डिजिटल कृषि, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, जैविक उत्पादन और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।
FAO के अधिकारियों के अनुसार, भारत आज दुनिया के उन देशों में शामिल है जिसने कृषि क्षेत्र में तकनीक और पारंपरिक ज्ञान का संतुलन बनाते हुए नई दिशा दिखाई है। भारत की योजनाएं विकासशील देशों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
कृषि क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने कृषि उत्पादन के कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल की हैं। गेहूं, चावल, दूध, फल, सब्जी और मत्स्य उत्पादन में भारत विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को आधुनिक बनाना भी है।
उन्होंने कहा कि भारत आज “फार्म टू फोर्क” और “सीड टू मार्केट” की आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। किसानों को नई तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ड्रोन तकनीक और आधुनिक सिंचाई व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है।
प्राकृतिक खेती और जैविक कृषि पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में प्राकृतिक खेती और सतत कृषि मॉडल का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अब रासायनिक आधारित खेती से आगे बढ़ते हुए पर्यावरण अनुकूल कृषि प्रणाली की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
उन्होंने बताया कि देश के कई राज्यों में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधर रही है, किसानों की लागत कम हो रही है और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिल रहा है।

मत्स्य और पशुपालन क्षेत्र को भी मिली नई पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि केवल खेतों तक सीमित नहीं है। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार इन क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर निवेश और योजनाओं के माध्यम से रोजगार और आय के नए अवसर पैदा कर रही है।
उन्होंने कहा कि भारत का ब्लू इकॉनमी मॉडल अब वैश्विक मंच पर चर्चा का विषय बन रहा है। मत्स्य उत्पादन और निर्यात में भी भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
डिजिटल इंडिया का कृषि क्षेत्र में प्रभाव
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों को मिला है। आज किसान मोबाइल एप, मौसम पूर्वानुमान, ऑनलाइन बाजार और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी और डेटा आधारित खेती को बढ़ावा दे रही है ताकि खेती को अधिक लाभकारी और वैज्ञानिक बनाया जा सके।
दुनिया के लिए भारत बना प्रेरणा
FAO समारोह में मौजूद विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भारत की कृषि नीतियों और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों की सराहना की। कई देशों ने माना कि भारत ने सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े पैमाने पर खाद्यान्न उत्पादन और वितरण की सफल व्यवस्था स्थापित की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत ने “वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर” की सोच को कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में भी लागू किया है। गरीबों को मुफ्त राशन योजना, किसानों के खाते में प्रत्यक्ष सहायता और कृषि क्षेत्र में सुधारों ने भारत की वैश्विक छवि को मजबूत किया है।
भारत की खाद्य सुरक्षा योजनाओं की चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, फसल बीमा योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को केवल सहायता नहीं बल्कि सम्मान और अवसर देना चाहती है। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना ही सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य है।
कृषि वैज्ञानिकों और नवाचारकों को भी दिया श्रेय
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की कृषि सफलता के पीछे केवल किसान ही नहीं बल्कि कृषि वैज्ञानिकों और नवाचारकों की भी बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने नई तकनीक, बेहतर बीज और आधुनिक कृषि मॉडल विकसित कर देश को नई दिशा दी है।
उन्होंने युवाओं से कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप और नवाचार के माध्यम से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि कृषि अब केवल परंपरागत पेशा नहीं बल्कि आधुनिक अवसरों का बड़ा क्षेत्र बन चुका है।
रोम में भारतीय समुदाय में उत्साह
प्रधानमंत्री मोदी को सम्मान मिलने के बाद रोम में मौजूद भारतीय समुदाय में खुशी की लहर देखी गई। लोगों ने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बताया।
भारतीय समुदाय के सदस्यों ने कहा कि यह सम्मान दुनिया में भारत की नई पहचान और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। कार्यक्रम के दौरान भारत के समर्थन में कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।
विपक्ष ने भी दी बधाई
प्रधानमंत्री मोदी को FAO Agricola Medal मिलने पर विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं ने भी बधाई दी। कई नेताओं ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है और भारतीय किसानों की मेहनत का सम्मान है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मान भारत के लिए भविष्य में कृषि निवेश, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और खाद्य निर्यात के नए अवसर खोल सकता है।
भारत की वैश्विक भूमिका और मजबूत होगी
विशेषज्ञों के अनुसार, FAO द्वारा दिया गया यह सम्मान केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत होती भूमिका का संकेत है। आने वाले समय में भारत जलवायु परिवर्तन, खाद्य संकट और कृषि तकनीक जैसे विषयों पर दुनिया का नेतृत्व कर सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में कहा कि भारत “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना के साथ दुनिया के हर देश के साथ मिलकर खाद्य सुरक्षा और मानव कल्याण के लिए कार्य करता रहेगा।
उन्होंने कहा,
“भारत का सपना केवल अपने देश का विकास नहीं बल्कि पूरी मानवता के कल्याण का है। हम मिलकर एक ऐसे भविष्य का निर्माण करेंगे जहां कोई भूखा न रहे और हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन मिले।”
FAO Agricola Medal के रूप में मिला यह सम्मान न केवल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारत आज कृषि, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में दुनिया के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय साझेदार बनकर उभरा है।












